झारखंड में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है. आयोग ने देवघर एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को हटा दिया है. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, देवघर एसपी को हटाए जाने का आदेश सरकार को भेज दिया गया है. नए एसपी के लिए राज्य सरकार से पैनल मांगा गया है. नए एसपी पर निर्वाचन आयोग ही मुहर लगाएगा.
जानकारी के मुताबिक, तीन मामलों में फरार चल रहे आरोपी शिवदत्त शर्मा ने 28 मार्च को सांसद निशिकांत दुबे पर जसीडीह थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी. ये बात निर्वाचन आयोग तक पहुंची थी कि एक फरार आरोपी कैसे थाना पहुंच कर एफआईआर दर्ज करवा सकता है. वहीं, एक दिव्यांग को भी जेल भेजने समेत कई अन्य आरोपों को देखते हुए देवघर एसपी को पद से हटा दिया गया है.
बता दें कि शिवदत्त शर्मा ने 28 मार्च को, जो एफआईआर दर्ज काई थी. उसमें सांसद निशिकांत दुबे पर करोड़ों के मेडिकल कॉलेज हड़पने का आरोप लगाया गया है. यह एफआईआर देवघर जिला के जसीडीह थाना में दर्ज किया गया है. सांसद और उसके अन्य सहयोगी पर जसीडीह थाना क्षेत्र के दर्दमारा बॉर्डर स्थित परित्राण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को साजिश के तहत हड़पने व धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है.
कांग्रेस ने किया निशिकांत पर हमला
यह मामला प्रकाश में आने के बाद झारखंड कांग्रेस ने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्विट कर सांसद पर निशाना साधा और कहा कि राम नाम जपना, पराया माल अपना...क्या ED/IT/CBI इस पर संज्ञान लेगी...या सिर्फ विपक्षी नेताओं का ही जांच करने को कहा गया है इनको. केंद्रीय एजेंसियां त्वरित कारवाई करे.
आरोप साबित होने पर राजनीति छोड़ देने का दावा
निशिकांत दुबे ने कहा कि इस FIR में यह कहा गया है कि मैंने एक करोड़ दिया है. यदि झारखंड पुलिस यह साबित कर दे तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा. यह मेडिकल कॉलेज DRT कोर्ट के नीलामी में खरीदा गया है. झारखंड हाईकोर्ट ने इसपर मुहर लगाई है.मैं इसका ट्रस्टी नहीं हूं, मैं भाजपा का सिपाही हूं. पूरे सोरेन परिवार को जेल भेजूंगा. इस फुटफुटिया से मेरा क्या होगा.