झारखंड सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष दीपक प्रकाश और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया. BJP प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, लॉ एंड ऑर्डर समेत सभी मोर्चों पर सरकार विफल साबित हुई है. इस सरकार ने लोगों को 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' दिखाकर सत्ता प्राप्त की है.
सबू के बीजेपी अध्यक्ष ने अपने आरोपों में कहा कि पेट्रोल और डीजल पर वैट कम नहीं करना झारखंड सरकार का जन विरोधी निर्णय है. कोरोना को लेकर भी झारखंड सरकार तनिक भी गंभीर नहीं है. कई राज्यों ने जहां 100% वैक्सीनेशन का काम पूरा कर लिया है वहीं झारखंड में 50% होना सरकार की विफलता है. भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सड़क से लेकर सदन तक सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया है. इस कारण 336 भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमा भी दर्ज किया गया है.
27 दिसंबर को धरना-प्रदर्शन
प्रकाश ने बताया कि 27 दिसंबर को राज्य के सभी जिलों में व्यापक रूप से धरना-प्रदर्शन के साथ हवन का कार्यक्रम कर राज्य सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने का काम किया जाएगा. एक एक ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी. वहीं, आगामी 29 दिसंबर को पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता फेसबुक लाइव आकर झारखंड सरकार की जनविरोधी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब करने का काम करेंगे.
झारखंड बेहाल: बाबूलाल मरांडी
झारखंड सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सरकार को सभी मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताया है. उन्होंने कहा है कि किसी भी सरकार से जनता को सबसे पहले कानून व्यवस्था दुरुस्त रहने काफी उम्मीदें होती हैं ताकि जनता शांतिपूर्वक और भयमुक्त होकर जीवन यापन कर सके, लेकिन झारखंड प्रदेश में इन 2 वर्षों में कोई वर्ग सुरक्षित नहीं है. अपराध में लगातार बढ़ोतरी हुई है. इसका प्रमुख कारण जिसके जिम्मे पूरी कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की जिम्मेवारी है, उस पुलिस महकमे को सरकार ने वसूली अभियान में लगा रखा है और उसे औजार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त होने का यह एक प्रमुख कारण है.
अब तक 3451 हत्याएं
बीजेपी नेता मरांडी ने आरोप लगाए कि सरकार बनने से लेकर अब तक 3451 हत्याएं और 3154 दुष्कर्म की घटनाएं घटित होना, हेमंत राज की सारी हकीकत बयां करने के लिए पर्याप्त है. दो वर्षों में कुल 1,14,000 अपराध हुए हैं. व्यापारियों से टेलीफोन पर मैसेज कर रंगदारी मांगी जा रही है. राजधानी में अपराधी और नक्सली हावी हैं. पुलिस लोगों को खुद बखुद अपराधियों से ले देकर मामले को सलटा लेने को कह रही है, अब आप समझिए कि राज्य की क्या स्थिति है.
तुष्टिकरण की पराकाष्ठा
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार तुष्टीकरण की राजनीति में पूरी तरह लीन है. नमाज कक्ष आवंटित करना उसका बड़ा उदाहरण है. सड़क से लेकर सदन तक बीजेपी ने पुरजोर आंदोलन किया. कार्यकर्ताओं पर मुकदमा तक हुआ. सरकार मामले को 45 दिन में पटाक्षेप करने का वादा कर अभी तक चुप्पी साधे हुई है. यह सब केवल मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए किया गया. तुष्टिकरण का एक और नायब उदाहरण 5 मार्च 2021 को सरकार के द्वारा जारी एक संकल्प से समझा जा सकता है. एसटी, एससी और ओबीसी के छात्रों को साइकिल के लिए आवेदन के साथ ऑनलाइन निर्गत जाति प्रमाण पत्र देना था, वहीं मुस्लिम बच्चों के लिए स्वघोषित ही जाति प्रमाण पत्र पत्र देने का संकल्प जारी किया गया. यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा नहीं तो और क्या है?
सत्तापक्ष का काम सिर्फ आरोप लगाना
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना है कि जब से सत्ता संभाला तब से डेढ़ साल कोरोना में बीत गया. बाकी के समय में कई ठोस कल्याणकारी योजनाओं पर सरकार ने काम किया. 7वीं से लेकर 10वीं तक की JPSC के एग्जाम करवाए और इसके अलावा भी माइग्रेंट मजदूरों के लिए कई ठोस कदम उठाए. विपक्ष का काम ही सिर्फ सत्तापक्ष पर आरोप लगाना. ये बातें CM सोरेन ने आजतक से exclusive बातचीत में कहीं.