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झारखंडः बीजेपी नेताओं पर पैनडेमिक एक्ट में मुकदमा, मरांडी ने डीजीपी को लिखा पत्र

बीजेपी ने आरोप लगाया है कि सत्ता पक्ष अपने खिलाफ हो रहे आंदोलन को दबाने और विपक्ष को धमकाने के लिये पुलिस तंत्र का खुल्लम खुल्ला दुरुपयोग कर रहा है. यह बात तब और पुख्ता हो जाती है जब  राज्य की पुलिस का दोहरा चरित्र उजागर होता है.

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झारखंड विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटोः पीटीआई)
झारखंड विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटोः पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बाबूलाल मरांडी ने पुलिस पर लगाया भेदभाव का आरोप
  • गिनाए विपक्ष के कार्यक्रम, कहा- नहीं हुआ एक भी केस

झारखंड में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने पुलिस के भेदभावपूर्ण रवैये पर सवाल उठाया है.  मरांडी ने उसका विरोध करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र भी लिखा है. दरसल किसानों के समस्या को लेकर बीजेपी नेताओं ने 18 जून को खेतों में उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था.

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इस विरोध प्रदर्शन के लिए पुलिस ने बीजेपी नेताओं पर पैनडेमिक एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. झारखंड बीजेपी ने पुलिस की इस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताते हुए कड़ा विरोध जताया है. पुलिस ने बीजेपी के जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया है, उनमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश, कांके क्षेत्र के विधायक समरी लाल भी शामिल है जिन्होंने कांके प्रखंड के सुकुरहुटू में खेतों में उतरकर धरने का नेतृत्व किया था.

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया है कि सत्ता पक्ष अपने खिलाफ हो रहे आंदोलन को दबाने और विपक्ष को धमकाने के लिये पुलिस तंत्र का खुल्लम खुल्ला दुरुपयोग कर रहा है. यह बात तब और पुख्ता हो जाती है जब  राज्य की पुलिस का दोहरा चरित्र उजागर होता है. बीजेपी के मुताबिक एक तरफ राज्य की सत्ता में भागीदार दल कांग्रेस और आरजेडी जब कोई आंदोलन या कार्यक्रम करते हैं वहां कोविड नियमो के उल्लंघन पर पुलिस प्रशासन मौन साध लेता है. इसके कई उदाहरण हैं.
 
बीजेपी ने 11जून को कांग्रेस की ओर से पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर किए गए विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कोरोना प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया. बीजेपी की ओर से कहा गया है कि कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दुबे, लाल राजकिशोर नाथ शाहदेव, राजेश गुप्ता छोटू, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव समेत कांग्रेस के कई कार्यकर्ता पेट्रोल पंप पर धरने में शामिल हुए. 11 जून को ही चतरा में प्रदेश सरकार के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने भीड़ जुटाकर केक काट लालू यादव का जन्मदिन मनाया. 19 जून को भी कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन भी रांची में कोविड नियमों का घोर उल्लंघन करते हुए मनाया गया.

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बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी के जन्मदिन की पार्टी में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, मंत्री बादल पत्रलेख, विधायक बंधु तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, कुमार जयमंगल सिंह, राजेश कच्छप सहित सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे. बाबू लाल मरांडी ने डीजीपी को लिखे पत्र में कांग्रेस की ओर से क़ृषि कानून के खिलाफ आंदोलन का भी जिक्र किया और लिखा कि इसका नेतृत्व कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह ने खुद किया था. सत्ताधारी दलों की ओर से इन कार्यक्रमों को लेकर पुलिस की ओर से एक भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है. मरांडी ने कहा है कि पुलिस का यह दोहरा चरित्र राज्य के लिए हितकारी नहीं है.

 

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