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Jharkhand: चाईबासा गैंग रेप केस में कोर्ट ने 5 आरोपियों को सुनाई उम्र कैद की सजा, 40 हजार का लगाया जुर्माना 

20 अक्टूबर 2022 की शाम को एक आदिवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती के साथ चाईबासा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टेकराहातु के एरोड्रम के पास सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी. इस घटना को लेकर खूब बवाल मचा था. पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनमें से चार नाबालिगों का केस किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है.

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गैंग रेप की घटना के 72 घंटों के अंदर पुलिस ने इन आरोपियों को किया था गिरफ्तार.
गैंग रेप की घटना के 72 घंटों के अंदर पुलिस ने इन आरोपियों को किया था गिरफ्तार.

झारखंड की चाईबासा कोर्ट ने 20 अक्टूबर 2022 को चाईबासा एरोड्रम के पास युवती से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में वारदात को अंजाम देने वाले 5 युवकों को कड़ी सजा सुनाई है. कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में गैंग रेप करने वाले सभी 5 युवकों को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास के साथ साथ 27 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

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इसके साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस कांड में शामिल अन्य 4 नाबालिग आरोपियों का मामला किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है. गैंग रेप मामले में सजा पाने वाले युवकों में सुरेन देवगम, प्रकाश देवगम, सोमा सिंकू, पुरमी देवगम और शिवशंकर करजी शामिल हैं.

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मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को किया था गिरफ्तार 

बता दें कि 20 अक्टूबर 2022 की शाम को एक आदिवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती के साथ चाईबासा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टेकराहातु के एरोड्रम के पास सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी. इस घटना को लेकर खूब बवाल मचा था. सरकार से लेकर पुलिस की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए थे. 

इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल कर वारदात को अंजाम देने वाले कुल 9 युवकों को गिरफ्तार किया था. इसमें से चार युवक नाबालिग थे. घटना के दौरान पीड़िता सॉफ्टवेयर इंजीनियर चाईबासा में रहकर वर्क फ्रॉम होम कर रही थी. घटना शाम करीब 6 बजे की थी. 

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पीड़िता के दोस्त को डराकर भगाया, फिर किया गैंग रेप

पीड़िता झींकपानी थाना क्षेत्र की रहने वाली थी. वह चाईबासा के अपने एक दोस्त के साथ घटना की शाम स्कूटी से घूमने के लिए टेकराहातु हवाई पट्टी गई थी. वहां 8-10 युवकों ने उसके दोस्त को डरा धमका कर भगा दिया और युवती को दूर सुनसान झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गैंग रेप किया था.

इस घटना पर आम जनता से लेकर विपक्ष तक ने सरकार और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे. पुलिस पर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का दबाव था. इसी को लेकर पुलिस के द्वारा एसआईटी का गठन कर वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए और कोर्ट में पुलिस यह साबित करने में कामयाब रही कि घटना को अंजाम पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 5 युवक द्वारा अंजाम दिया गया था. 

जिले के लोगों ने किया कोर्ट के फैसले का स्वागत 

इसके बाद चाईबासा न्यायालय के माननीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के द्वारा सभी पर दोष सिद्ध करते हुए सभी पांचों युवकों को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास के साथ साथ 27 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. पांचों युवकों को जिन धाराओं में सजा सुनाई हाई है, उनमें आईपीसी की धारा 376 डी, 377, 395, 397 और 412 शामिल हैं.

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इधर, जिले के रहने वाले लोगों ने चाईबासा कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया. लोगों का कहना है कि गंभीर अपराधिक मामलों में गुनाहगारों को इस तरह कठोर सजा सुनाए जाने से ऐसी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों में कानून का खौफ बनेगा. वहीं, आम जनमानस में भी न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी.

(इनपुट- जय कुमार)

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