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'बांग्लादेशी घुसपैठ से आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में', BJP में शामिल होने से पहले बोले चंपाई सोरेन

बीजेपी में शामिल होने से पहले चंपाई सोरेन ने आजतक से खास बातचीत की है और कहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठ की वजह से आज झारखंड के आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में है. उन्होंने कुछ दिन पहले ही दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. बाद में उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर उनका अपमान करने का आरोप लगाया था.  

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चंपाई सोरेन ने बीजेपी में शामिल होने से पहले की आजतक से खास बातचीत
चंपाई सोरेन ने बीजेपी में शामिल होने से पहले की आजतक से खास बातचीत

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम नेता चंपाई सोरेन अब से कुछ देर बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. चंपाई सोरेन जिस जाति और रीजन से आते हैं वहां 2019 के चुनाव में बीजेपी अपनी पैठ नहीं बना पाई थी. ऐसे में चंपाई सोरेन के बीजेपी में आने से करीब 14 सीटों पर बीजेपी की पहुंच मजबूत हो सकती है.

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रांची में चंपाई सोरेन बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. इस कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान और हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद रहेंगे. बीजेपी में शामिल होने से पहले चंपाई सोरेन ने 'आजतक' से खास बातचीत की है और कहा है कि आज राज्य में आदिवासियों का अस्तित्व खतरे में है. उन्होंने आरोप लगाया कि जेएमएम में ऐसा कोई मंच नहीं है जहां कोई पार्टी नेता या कार्यकर्ता अपना दर्द/व्यथा साझा कर सके.

हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए चंपाई सोरेन ने कहा, '5 साल से राष्ट्रीय अधिवेशन नहीं बुलाया गया. झामुमो सुप्रीमो (शिबू सोरेन) की तबीयत खराब है. वे बोल नहीं सकते. कोई भी उनकी चिंता साझा नहीं कर सकता.' उन्होंने कहा कि वे किसी चुनौती से नहीं डरते और उन्हें अपने लिए भारी समर्थन दिख रहा है. चंपाई सोरेन ने कहा कि मैंने शिबू सोरेन के साथ मिलकर झामुमो को मजबूत करने में एक-एक ईंट जोड़ी है लेकिन अब झामुमो को आदिवासियों की परवाह नहीं है.

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उन्होंने कहा, 'मैं फायदे या नुकसान के बारे में नहीं सोचता हूं. यह सवाल ही अप्रासंगिक है कि भाजपा को इससे क्या फायदा होगा और भाजपा में शामिल होने से झामुमो को क्या झटका लगेगा.'

जेएमएम में मेरा अपमान हुआ- चंपाई सोरेन

उन्होंने कहा,  'जेएमएम में मेरा बहुत अपमान हुआ. जिस तरह से मेरे साथ घटनाक्रम होते गया वो आहत करने वाला था. पांच साल में एक भी बार पार्टी का अधिवेशन नहीं बुलाया गया. किसी को नहीं पता कि कौन क्या है और किस भूमिका में है. हम यहां गुरुजी (शिबू सोरेन) के बाद सबसे सीनियर नेता है. हमने संगठन और संघर्ष में बहुत कुछ सीखा है. पहले सोचा कि हम संन्यास ही ले लेंगे, लेकिन जनता-कार्यकर्ताओं की हमारे प्रति जो सोच दिखी उसकी वजह से हमें यह (बीजेपी में शामिल) करना पड़ा.'

उन्होंने आगे कहा, 'हमने तय किया कि अब सक्रिय राजनीति करेंगे. या कोई दल बनाएंगे या फिर किसी दल में शामिल होंगे लेकिन 8 अगस्त के बाद 18 के बीच में हमसे संपर्क किया गया. पहले हमसे किसी ने बात नहीं की. उसके बाद हमने सोचा कि झारखंड के वर्तमान हालातों को देखते हुए भाजपा से बेहतर कोई पार्टी नहीं है जिसमें हम अपनी बात को रख सकते हैं. यहां के आदिवासी का अस्तित्व संकट में आ गया है. बांग्लादेशी घुसपैठ की वजह से यह संकट बढ़ गया है. इसलिए हमने देश के पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह पर विश्वास जताया. इसलिए मैं बीजेपी में शामिल होने जा रहा हूं.'

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'जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाएंगे'

बीजेपी में शामिल होने पर चंपाई ने कहा, 'आज जब पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे तो उस समय आपको दिखेगा कि कितने लोग वहां आ रहे हैं. जिस सोच के साथ हमने संथाल परगना और झारखंड का विकास करने का सोचा है, उसके लिए हमने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है. इसलिए हमको जो दायित्व देंगे, उसे हम निभाएंगे. काम करने वाले को चुनौती से डरना नहीं चाहिए. जिस पार्टी में जा रहे हैं, वो हमें जो काम देगी उसे पूरी जिम्मेदारी से करेंगे आदिवासी अस्तित्व को बचाने के लिए हरदम प्रयास करेंगे.'

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वहीं चंपाई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, 'चुनाव नजदीक आ रहा है तो ये सब होगा .. धीरे धीरे अभी वो चर्चा में होंगे .. जब आएगा समय तो उस पर चर्चा करेंगे.'

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