झारखंड़ (Jharkhand) के पाकुड़ में चल रहे राष्ट्रीय जूट महोत्सव (National Jute Festival) में आए बच्चे का सिर ग्रिल मे फंसा गया. चीख-पुकार मचने के बाद लोगों की भीड़ लग गई. सूचना मिलने पर महोत्सव में मौजूद अधिकारियों ने पुलिस और मेडिकल टीम को घटना की जानकारी दी. फिर पुलिस ने ग्रिल कटर से सरियों को काटा और बच्चे की जान बचाई.
जानकारी के मुताबिक, पाकुड़ में तीन दिवसीय आयोजित राष्ट्रीय जूट महोत्सव चल रहा है. इसमें ग्रामीण परिवारों को बुलाया गया है. परिजनों के साथ साथ बच्चे भी महोत्सव में आ रहे हैं. सोमवार को ग्रामीण परिवार के साथ आए बच्चे ने लोहे के ग्रिल वाले गेट से निकलने की कोशिश की.
मगर, जैसे ही बच्चे ने अपना सिर ग्रिल में डाला वह फंस गया. बच्चे के हिलने-डुलने के कारण ग्रिल में वह और ज्यादा फंस गया. बच्चे की हालत देख परिवार के लोग चीखने लगे.
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चीखने की आवाज सुन लग गई भीड़
परिवार के लोगों की चीखने की आवाज सुन मौके पर भीड़ लग गई. तत्काल घटना की जानकरी महोत्सव में मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों को दी गई. उन लोगों ने पुलिस और मेडिकल टीम को इसके बारे में बताया.
महोत्सव में पहुंची दोनों टीमों ने देखा कि बच्चे का सिर ग्रिल में बुरी तरह से फंसा हुआ है. शुरुआत में हाथ से ही बच्चे का सिर ग्रिल से निकालने का प्रयास किया गया. मगर, सफलता हाथ नहीं लगी.
गैस कटर से काटी ग्रिल
पुलिस टीम ने ग्रिल काटने के लिए गैस कटर का इंतजाम किया. ग्रिल काटने से पहले भीड़ को हटाया, जिससे बच्चे को ऑक्सीजन की कमी न हो. इसके बाद एक व्यक्ति ने बच्चे को पीछे से पकड़ा और फिर ग्रिल काटी गई. कड़ी मशक्कत के बाद ग्रिल काटकर बच्चे को रेस्क्यू किया गया.
बच्चे को एम्बुलेंस से सदर अस्पताल मेडिकल टीम ले जाया गया. फिर जांच के बाद उसे परिजनो के साथ घर भेज दिया गया.
रानी ज्योतिर्मयी स्टेडियम में तीन दिवसायी जूट महोत्सव
झारखंड़ के पाकुड़ में रानी ज्योतिर्मयी स्टेडियम में तीन दिवसीय जूट महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. इसका मकसद है कि आस-पास के जिलों में जूट पैदा करने वाले किसान के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकें. साथ ही जूट की खेती को उद्योग के रुप में विकसित किया जा सके.
(रिपोर्ट - कुंदन कुमार)