
कृषि कानूनों के खिलाफ़ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है. इस बीच झारखंड के हजारीबाग में किसानों के प्रति समर्थन जताने के लिए कांग्रेस ने एक ट्रैक्टर रैली निकाली. केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए कांग्रेस नेताओं ने एक रैली भी की. रैली को पार्टी के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव और कृषि मंत्री बादल पत्रलेख समेत कई नेताओं ने संबोधित किया.
बता दें कि शनिवार को बुलाई गई इस रैली में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर शामिल थे. कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि देश में किसान शहीद हो रहे हैं और महंगाई ने जनता की कमर तोड़ दी है. सरकार पूंजीपतियों के आगे नतमस्तक हो गई है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद का नगाड़ा पीटने वाली सरकार देश के अन्नदाताओं को खालिस्तानी जैसे उपनाम देकर बदनाम कर रही है. वहीं, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि किसानों की जब आह लगती है, तो भूचाल आता है. उन्होंने कहा कि जबतक सरकार झुकती नही तब तक ये जंग जारी रहेगी.
कांग्रेस की ट्रैक्टर रैली में अलग-अलग रंग देखने को मिले. कुछ किसान बैलगाड़ी लेकर भी इसमें शामिल हुए. रैली की वजह से हजारीबाग की कई सड़कों पर जाम लग गया. झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने डीसी ऑफिस पर भी कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ता तिरंगा लेकर पहुंचे थे. बड़कागांव से कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद खुद ट्रैक्टर चलाकर सभा मे पहुंची. उनका ट्रैक्टर सब्जियों से सजा हुआ था, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.
बता दें कि इस रैली को लेकर कांग्रेस नेता खासे सक्रिय नजर आए. पार्टी के पांचों वर्किंग प्रेसिडेंट, प्रवक्ताओं की टीम, ज़िला अध्यक्षो को टास्क दिया गया था. प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने काला धन, 15 लाख रूपये, दो करोड़ रोजगार, न्यूनतम समर्थन मूल्य आदि मसलों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा कि किसानों की मांग के साथ ही पेट्रोलियम पदार्थ की बढ़ती कीमत के विरोध में पूरे देश में जनाक्रोश है.
(टीपी सिंह के इनपुट के साथ)