दलबदल मामले को लेकर पूर्व CM बाबूलाल मरांडी की सिरदर्दी बढ़ती जा रही है. बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के दलबदल मामले में 15 फरवरी को स्पीकर के न्यायाधिकरण में सुनवाई होगी. तीनों विधायकों को इसके लिये नोटिस भेज दिया गया है. इस मामले में पिछली सुनवाई 21 जनवरी को होनी थी, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के कोरोना संक्रमित होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी. बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने स्पीकर के नोटिस का जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था.
दलबदल मामले में स्वत: संज्ञान को बाबूलाल मरांडी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. इस पर स्पीकर ने हाई कोर्ट को बताया था कि वह स्वत: संज्ञान मामले में कोई कार्रवाई नहीं करेंगे. बाद में झामुमो विधायक भूषण तिर्की, कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार यादव और प्रदीप यादव की तरफ से स्पीकर के न्यायाधिकरण में दलबदल से संबंधित शिकायत की गई थी. इसी आधार पर बाबूलाल मरांडी को दोबारा नोटिस भेजा गया था.
वहीं दूसरी तरफ भाजपा की ओर से भी स्पीकर के न्यायाधिकरण में प्रदीप यादव और बंधु तिर्की पर दलबदल का मामला चलाने को लेकर याचिका दायर की गई है. बता दें कि झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, बंधु तिर्की और प्रदीप यादव चुनाव जीतकर झारखंड विधानसभा पहुंचे थे. इसके बाद बंधु तिर्की और प्रदीप यादव कांग्रेस में शामिल हो गए. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बीजेपी में शामिल हो गए. बाबूलाल मरांडी के बीजेपी में शामिल होने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें दलबदल मामले में नोटिस जारी किया है. इसी मामले पर सुनवाई चल रही है.