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हेमंत के बाद अब शिबू सोरेन की बढ़ी मुश्किलें, हाई कोर्ट से लगा झटका

दिल्ली हाई कोर्ट में शिबू सोरेन ने अपने खिलाफ शुरू की गई लोकपाल की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने याचिका खारिज कर दिया. हाई कोर्ट ने याचिका को प्रीमेच्योर बताते हुए कहा कि इसमें कोई मेरिट नहीं है.

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हेमंत सोरेन और शिबू सोरेन. (फाइल फोटो)
हेमंत सोरेन और शिबू सोरेन. (फाइल फोटो)

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो चीफ शिबू सोरेन को दिल्ली उच्च न्यायालय से झटका लगा है. दिल्ली हाई कोर्ट में सोरेन ने अपने खिलाफ शुरू की गई लोकपाल की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने याचिका खारिज कर दिया. याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि हमें एकल जज पीठ (सिंगल जज बेंच) के फैसले मे हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता. हाई कोर्ट ने याचिका को प्रीमेच्योर यानी अपरिपक्व बताते हुए कहा कि इस याचिका मे कोई मेरिट नहीं है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है.  

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लोकपाल भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की उस शिकायत पर सुनवाई कर रहा है जिसमें सोरेन पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया गया है. लोकपाल इसी की जांच कर रहा है. दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस रेखा पल्ली और जस्टिस सुधीर कुमार की बेंच ने सुनवाई के दौरान ही संकेत दे दिया था कि वह इसी हाईकोर्ट में एकल जज पीठ के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता है. 

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के खिलाफ आय से अधिक संपति जमा करने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने फैसला सुनाया था. इसके बाद सोरेन ने उसे खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी. दरअसल, दिल्ली हाइकोर्ट की एकल जज पीठ ने इस मामले में झामुमो सुप्रीमो और सांसद शिबू सोरेन के खिलाफ लोकपाल की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था. 

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गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने शिबू सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए लोकपाल के यहां शिकायत दर्ज कराई थी.  शिबू सोरेन ने लोकपाल की कार्यवाही से जुड़े मामले में सिंगल जज बेंच के फैसले को हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी. 

हेमंत सोरेन ने भी लगाई है याचिका 

उधर दूसरी ओर झारखंड के पूर्व सीएम और जेल में बंद हेमंत सोरेन ने पीएमएलए कोर्ट में याचिका दायर कर 23 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी है. इससे पहले हेमंत सोरेन को 5 फरवरी को चंपई सोरेन सरकार के फ्लोर टेस्ट में भाग लेने की अनुमति मिल गई थी. हेमंत 22 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में हैं. गिरफ्तारी के बाद वह 13 दिनों की ईडी रिमांड पर थे.

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