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देवघर: कभी चंदन, कभी सरफराज बनकर की करोड़ों की ठगी, पुलिस भी हैरान

झारखंड के देवघर में एक ठग ने नाम बदलकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बीते पांच साल में कई नाम बदले और लोगों को नौकरी के नाम पर ठगा. इस आरोपी को पुलिस काफी समय से तलाश कर रही थी. उसे अब गिरफ्तार कर लिया है.

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पुलिस की गिरफ्त में ठगी का आरोपी.
पुलिस की गिरफ्त में ठगी का आरोपी.

झारखंड के रांची में ठगी का अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक व्यक्ति ने नाम बदलकर नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली. जब मामला सामने आया तो पुलिस भी हैरान रह गई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस को काफी समय से इस आरोपी की तलाश थी.

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पुलिस के अनुसार आरोपी ने दुमका, रांची और देवघर में करोड़ों की ठगी की है. वह खुद को कभी चंदन गुप्ता तो कभी सरफराज खान तो कभी अभियान सिंह राजपूत बताता था. उसने डाक विभाग और बीएसएनएल में नौकरी दिलाने के साथ ही एक महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर करोड़ों की ठगी की है. इन दिनों वह देवघर में रहकर डेवलप ड्रीम फाउंडेशन बनाकर लोगों को निशाना बना रहा था.

पुलिस का कहना है कि इस शातिर ठग ने ठगी की शुरुआत दुमका से की थी. आरोपी चंदन ने जुलाई 2017 में दुमका के पोखरा चौक के पास चाय की दुकान चलाने वाले भरत से उनके घर के एक युवक को डाक विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था और लाखों रुपये ठग लिए थे. जब पैसे वापस मांगे तो चंदन ने अपनी पत्नी पिंकी कुमारी के अकाउंट का चेक देकर पैसे लौटने की बात कही. अकाउंट में रकम नहीं होने से चेक बाउंस हो गया था. कोर्ट में चाय दुकान चलाने वाले दीपक को भी झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए थे.

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एक दर्जन से ज्यादा लोगों से की थी ठगी

चंदन ने खुद को बीएसएनएल का डायरेक्टर बताकर दुमका में एक दर्जन से अधिक लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लिया था. लोगों ने उसे पकड़कर टाउन पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया था. पुलिस स्टेशन में ठगी के शिकार लोगों से समझौते के बाद उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं कराई गई. दुमका में उसकी करतूतों का भंडाफोड़ होने के बाद वह रांची चला गया.

रांची में सरफराज खान बनकर रह रहा था आरोपी

दुमका का ठग चंदन रांची जाकर सरफराज खान बन गया. पांच साल पहले यानी 2018 में चंदन गुप्ता उर्फ सरफराज खान ने बीएसएनएल में नौकरी के नाम पर रांची के 30 लोगों से 1 करोड़ की ठगी की. इस मामले में पीड़ित दीप्ति कश्यप ने 9 अगस्त 2018 को उसके खिलाफ डोरंडा में केस दर्ज कराया था.

मामले को लेकर क्या बोले एसडीपीओ?

SDPO पवन कुमार ने कहा कि रांची पुलिस आरोपी चंदन की तलाश में दुमका जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरनाकुंडी स्थित उसके घर पर लगातार दबिश दे रही थी. इस बीच उसने अपना ठिकाना देवघर बना लिया था. यहां वह अभियान सिंह राजपूत बनकर रह रहा था. देवघर के रिखिया में उसने जालसाजी की शुरुआत की. रिखिया थाना क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं को एक महीने में रकम दोगुनी करने का लालच दिया और ठगी की. रांची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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(रिपोर्ट: शैलेंद्र मिश्रा)

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