झारखंड के धनबाद में जज उत्तम आनंद की मौत से जुड़े मामले की गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सीबीआई की ओर से इस मामले की अभी तक की रिपोर्ट पेश की गई. सीबीआई ने अदालत में माना है कि जज उत्तम आनंद को जानबूझकर टक्कर मारी गई थी, अब एजेंसी हर एंगल से इस केस की जांच में जुटी है.
रांची हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ज्वाइंट डायरेक्टर पेश हुए. उन्होंने बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक प्रोफेशनल मोबाइल चोर है. वो बार-बार अपना बयान बदल रहा है, लेकिन उससे सीबीआई के 20 अफसरों की टीम सख्ती से पूछताछ कर रही है. सीबीआई ने अदालत को कहा है कि जज को जानबूझकर टक्कर मारी गई थी, इसकी साजिश किसने रची थी उन तक सीबीआई जल्द ही पहुंच जाएगी.
अदालत की ओर से इस मामले को लेकर चिंता व्यक्त की गई है, कोर्ट का कहना है कि इस मामले के बाद अधिकारियों का मोरल डाउन है. अगर जल्द खुलासा नहीं हुआ तो न्याय व्यवस्था के लिए ठीक नहीं होगा.
इस मामले में सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने चार अलग-अलग फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स से बात की है. सीसीटीवी फुटेज, 3डी विश्लेषण, क्राइन सीन रिक्रिएशन समेत अन्य टीम भी शामिल रही. सभी रिपोर्ट्स से ये साबित हुआ है कि जज को जानबूझकर मारा गया था.
अदालत ने जताई थी नाखुशी
आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में कोर्ट की ओर से सीबीआई की रिपोर्ट पर नाखुशी जाहिर की गई थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि वह सीबीआई की जांच से संतुष्ट नहीं है, जांच की रफ्तार काफी धीमी है. अभी तक सिर्फ दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, कई सवाल अनसुलझे हैं. इसी के बाद सीबीआई ज्वाइंट डायरेक्टर की गुरुवार को पेशी हुई है. अब फिर रांची हाईकोर्ट ने सीबीआई को अगले हफ्ते रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
गौरतलब है कि इसी साल 28 जुलाई को जब जज उत्तम आनंद धनबाद में मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तब एक ऑटो से उनको टक्कर मारी गई थी. ये पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी, इसी एक्सीडेंट में उत्तम आनंद की मौत हो गई थी. जिसके बाद कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे, सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जाहिर की थी और हाईकोर्ट से सुनवाई के लिए कहा था.