ताजा मामला जरमुंडी थाना क्षेत्र के कुशमाहा पंचायत का है जहां स्थानीय लोगों ने बच्चा चोरी के शक में एक महिला को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी. आक्रोशित भीड़ के सामने महिला गिड़गिड़ाती रही, लेकिन उसकी एक न सुनी गई.
पूजा करने आई थी महिला
भीड़ में ही कुछ लोगों ने किसी तरह आक्रोशित ग्रामीणों के चंगुल से महिला को निकाल कर गांव के एक स्कूल में ले गए और इसकी सूचना पुलिस को दी.
जैसे ही पुलिस को इस वारदात की जानकारी मिली, महिला को सुरक्षित थाने लेकर आई. शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ कि महिला का नाम रंजू देवी है और वह मुंगेर जिला के धरहरा थाना क्षेत्र के वनवर्षा गांव की रहने वाली है.
महिला का चल रहा इलाज
रंजू देवी अपने गांव की महिलाओं के साथ बासुकीनाथ पूजा करने आई थी और भटककर कुशमाहा गांव पहुंच गई. इसी दौरान किसी ने अफवाह फैला दी कि महिला बच्चा चोर है. यह सुनते ही लोग जमा हो गए और महिला को पीटने लगे. जरमुंडी के एसडीपीओ अनिमेष नथानी ने बताया की महिला को इलाज के बाद उसे उसके घर सुरक्षित भेजने की व्यवस्था की जा रही है.
पुलिस ने कहा कि उन लोगों पर कानूनी करवाई की जाएगी जिसने महिला को बच्चा चोरी के शक में पीटा है. इससे पहले भी दुमका के जामा थाना क्षेत्र के भुरकुंडा गांव में 12 सितम्बर को को एक अनजान व्यक्ति को बच्चा चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने इतना पीटा कि इलाज के दौरान रांची में उसकी मौत हो गई.
कई लोग हो चुके हैं भीड़ की हिंसा के शिकार
दुमका के एसपी एस रमेश के मुताबिक बच्चा चोरी की अफवाह के चलते पिछले दिनों कई लोग मॉब लिंचिंग के शिकार हुए हैं. पुलिस इन सभी मामलों पर करवाई कर रही है.
उन्होंने बताया कि अब तक एक भी बच्चा चोरी होने का एफआईआर किसी भी थाने में दर्ज नहीं हुई है फिर भी लोग अफवाहों का शिकार हो कर मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम दे रहे है. पुलिस उन्हें जागरूक करने का प्रयास कर रही है जिससे वे अफवाहों से बचें और मॉब लिंचिंग से घटना में संलिप्त नहीं हों.