करीब 10 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम मंगलवार को ईडी दफ्तर से बाहर निकले. उन्होंने कहा कि जो भी मुझसे पूछा गया, मैंने सब बता दिया. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें कल यानी बुधवार को फिर से बुलाया है. आलमगीर आलम के सचिव के घर से 37 करोड़ रुपए से अधिक कैश बरामद हुआ था जिस सिलसिले में यह पूछताछ की जा रही है.
ईडी ने रविवार को आलमगीर को तलब किया था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक को 14 मई को रांची स्थित जोनल कार्यालय में एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था. मंगलवार को ईडी ने उनसे 10 घंटे तक सवाल-जवाब किए. एजेंसी ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए बुधवार को फिर से बुलाया है.
ईडी ने बरामद किया 37 करोड़ कैश
इससे पहले 6 मई को ईडी ने आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के घरेलू नौकर जहांगीर आलम के अपार्टमेंट पर छापा मारा था और 37 करोड़ रुपए से अधिक कैश बरामद किया था. छापेमारी के बाद आलम और संजीव लाल दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था.
बीते दिनों ईडी ने रांची में कई जगहों पर छापेमारी की थी जिस दौरान यह कैश बरामद किया गया. कैश को गिनने के लिए कई मशीनें भी लाई गई थीं, सभी 500 के नोट थे. इसके अलावा, एजेंसी के अधिकारियों ने जहांगीर आलम के फ्लैट से कुछ आभूषण भी बरामद किए थे.
पाकुड़ सीट से विधायक हैं आलमगीर
70 वर्षीय कांग्रेस नेता आलमगीर आलम झारखंड में ग्रामीण विकास मंत्री हैं और राज्य विधानसभा में पाकुड़ सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. यह छापेमारी झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता वीरेंद्र के राम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चल रही जांच के सिलसिले में थी, जिन्हें पिछले साल गिरफ्तार किया गया था. यह विभाग में कुछ योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा था.