झारखंड के गढ़वा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है. दरअसल, यहां प्रसव पीड़ा के बाद एक महिला को मझिआंव सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया. जिसके बाद परिजन उसके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए, लेकिन जब परिजनों ने बच्चे का शव मांगा तो जो बात बताई गई उसे सुन उनके पैरों तले जमीन ही खिसक गई.
दरअसल, बच्चे के शव को गटर के अंदर जलते हुए कचरे में फेंक दिया गया था. यह सुनते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया. सूचना मिलते ही एसडीएम के निर्देश पर पुलिस निरीक्षक राजीव कुमार एवं थाना प्रभारी कमलेश कुमार महतो महिला पुलिस के साथ अस्पताल पहुंचे. उन्होंने एएनएम मंजू कुमारी, निर्मला कुमारी एवं दाई दौलत कुंवर को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल मामले में जांच जारी है.
जानकारी के मुताबिक, पलामू जिला के रजहारा के लहलहे गांव निवासी मनदीप विश्वर्मा की पत्नी को अचनाक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. जिसके बाद आनन फानन में उसे सीएचसी रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया. एएनएम ने उसका प्रसव कराया, लेकिन महिला ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया. एएनएम निर्मला कुमारी एवं मंजू कुमारी ने उसका इलाज किया था.
बच्चे को कचरे में फेंक दिया गया
जब परिजनों को इस बात की खबर हुई तो वे अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए. लेकिन अस्पताल वालों ने बताया कि दाई दौलत देवी ने मृत बच्चे को कचरा निस्तारण हेतु बने गहरे टैंक में जलते हुए कचरे में फेंक दिया. परिजनों ने पूरे अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है.
वहीं, इस शर्मनाक करतूत को लेकर पूरे अस्पताल में जमकर हंगामा किया गया. इस मामले में दोनों एएनएम जिन्होंने महिला का इलाज किया था, उन्होंने ने भी स्वीकार किया कि प्रसव के पश्चात मृत बच्चे को बगैर हम लोगों से पूछे ही दाई ने उसे जलते कचरे के ढेर में फेंक दिया.