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हेमंत सोरेन के साथ अब भाई की भी बढ़ेंगी मुश्किलें, बसंत सोरेन के केस की आज चुनाव आयोग में सुनवाई

झारखंड में सियासी घमासान जारी है. खनन पट्टे के मामले में चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन के खिलाफ जांच के बाद अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को भेज दी थी. इसमें मुख्यमंत्री हेमंत को विधायक पद के लिए अयोग्य ठहराया है. मतलब उनकी विधायकी रद्द करने की सिफारिश की है. अब आगे हेमंत सोरेन को लेकर राज्यपाल को फैसला लेना है.

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political crisis in jharkhand
political crisis in jharkhand

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी पर मंडरा रहा संकट अभी थमा भी नहीं था कि उनके भाई बसंत सोरेन मुश्किल में फंस गए हैं. खनन लीज मामले में चुनाव आयोग हेमंत सोरेन के बाद उनके भाई बसंत सोरेन से जुड़े केस की आज (29 अगस्त) सुनवाई करेगा. बसंत सोरेन पर सुनवाई के बाद चुनाव आयोग उन पर भी फैसला सुनाएगा. 

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इससे पहले खनन पट्टे के मामले में चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन के खिलाफ जांच के बाद अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को भेज दी थी. इसमें मुख्यमंत्री हेमंत को विधायक पद के लिए अयोग्य ठहराया है. मतलब उनकी विधायकी रद्द करने की सिफारिश की है. अब आगे हेमंत सोरेन को लेकर राज्यपाल को फैसला लेना है. हालांकि, चुनाव आयोग की सिफारिश में हेमंत के लिए एक राहत भरी बात भी है, जिसके जरिए वो कुछ ही समय बाद फिर से नेता सदन बन सकते हैं.

चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगने की वजह से सोरेन इस्तीफा देकर फिर से विधायकी का चुनाव लड़ सकते हैं. संभव है कि झामुमो एक छोटी अवधि के लिए सीएम पद को लेकर वैकल्पिक इंतजाम कर सकती है. बाद में हेमंत के चुनाव जीतने की स्थिति में फिर से उन्हें राज्य की बागडोर सौंपी जा सकती है.

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सूत्रों के मुताबिक, चुनाव लड़ने पर पाबंदी तभी लगती है, जब विधायक या सांसद के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हो जाएं और तदनुसार दंड निर्धारित हो जाए. सोरेन के खिलाफ मुकदमा तो चल रहा है लेकिन अभी तक भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं. इसलिए आयोग ने हेमंत सोरेन पर खनन पट्टे लेकर लाभ का पद पर होने के आरोप की जांच के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर विधायकी से अयोग्य तो घोषित कर दिया है लेकिन निकट भविष्य में चुनाव लड़ने पर पाबंदी नहीं लगाई है.

पिकनिक मनाने गए थे विधायक

इस सियासी घमासान के बीच 27 अगस्त को झामुमो गठबंधन सरकार के विधायक पिकनिक मनाने के लिए रांची से खूंटी जिले के लतरातू डैम पर पहुंचे थे. इन विधायकों के साथ खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद थे. सभी लोग दोपहर 2.30 बजे तीन लग्जरी बसों से निकले थे और शाम को 8.30 बजे वापस रांची लौट आए थे. कहा जा रहा था कि सियासी तनाव को दूर करने के लिए हेमंत ने विधायकों के साथ ये ट्रिप बनाई थी. बता दें कि सबसे बड़ी पार्टी झामुमो के 30, कांग्रेस के 18 और राजद के एक विधायक हैं. मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदन में 26 विधायक हैं. 

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