झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने जेल में बंद होने के बाद पीएमएलए कोर्ट में याचिका दायर कर 23 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी है. इस मामले में पीएमएलए कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार होने के बाद वह 22 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में हैं. सोरेन 13 दिनों तक ईडी की रिमांड पर भी थे.
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इससे पहले पीएमएलए कोर्ट ने सोरेन को 5 फरवरी को विश्वास मत में भाग लेने की इजाजत दी थी. हेमंत सोरेन ने एक बार फिर पीएमएलए कोर्ट से उन्हें बजट सत्र में विधायक के तौर पर कार्यवाही का हिस्सा बनने की इजाजत मांगी है.
पीएमएलए कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगने वाली सोरेन की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. सोरेन की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने प्रत्यक्ष रूप से बहस की, जबकि ज़ोहेब हुसैन ईडी की ओर से उपस्थित हुए. याचिका में कहा गया है कि 3 फरवरी को अदालत ने सोरेन को अनुमति दी थी और इससे पहले भाजपा विधायक ढुल्लू महतो और नलिन सोरेन को भी इसी तरह की स्थिति में विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी गई थी.
ईडी के वकील ने तर्क दिया कि न्यायिक हिरासत के दौरान संवैधानिक अधिकार निलंबित हो जाते हैं और ट्रायल कोर्ट को इस मामले में कोई आदेश नहीं देना चाहिए. 27 फरवरी को सदन में वार्षिक वित्तीय बजट रखा जाएगा.