जामताड़ा पुलिस ने दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो ई-कॉमर्स कंपनियों के कस्टमर केयर स्टाफ बनकर ठगी करते थे. ये ठग स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स का सहारा लेकर लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे. इनके पास से 16 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और साइबर क्राइम की धाराओं में एक्शन लिया गया है.
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा है, उनकी पहचान 23 वर्षीय मो. ताहिर अंसारी और 19 वर्षीय मुजाहिद अंसारी के रूप में हुई है. ताहिर जिला दुमका का रहने वाला है, वर्तमान में जामताड़ा में रह रहा था. यहां उसकी ससुराल है. वहीं मुजाहिद जामताड़ा का रहने वाला है. दोनों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में जुटी है. पुलिस का कहना है कि ये ठग ecommerce कंपनियों के कस्टमर केयर स्टाफ बनकर स्क्रीन शेयरिंग ऐप के सहारे लेकर ठगी करते थे.
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SP डॉ. एहतेशाम बकरीब के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल की और दोनों शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. दोनों से पुलिस ने पूछताछ की तो कई खुलासे हुए. पुलिस ने बताया कि दोनों ई-कॉमर्स कंपनियों के कस्टमर केयर स्टाफ बनकर लोगों को कॉल किया करते थे.
इसके बाद स्क्रीन शेयरिंग एप को डाउनलोड करवाकर पैसे अकाउंट से उड़ा देते थे. ये ठग पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा और महाराष्ट्र तक के लोगों को कॉल करके ऑपरेट करते थे. दोनों को नावाडीह और सिंदरजोड़ी गांवों से पकड़ा गया. इनके पास से 16 मोबाइल मिले हैं, जिसमें एक iPhone है. इसी के साथ ठगों के पास से 28 सिमकार्ड समेत एक लैपटॉप बरामद किया गया है. एक आरोपी ताहिर अपनी ससुराल पहुंचा था. वहीं से साइबर ठगी कर रहा था. जब पुलिस ताहिर को पकड़ने पहुंची तो उसके ससुराल वाले भी हैरान रह गए.