कोरोना काल में झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को सौगात दी है. सरकारी कर्मियों के एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) के सरकारी अंशदान को केंद्र की तर्ज पर 10% से बढ़ाकर 14% कर दिया गया है. मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल आठ प्रस्तावों पर मुहर लगी है.
1- जैसे जनजातियों के धार्मिक स्थल के विकास और सौंदर्यीकरण पर 5 करोड़ खर्च होंगे.
2- अनुसूचित जनजातीय समुदाय के लिए पवित्र सरना स्थल के संरक्षण और विकास योजना के लिए रुप रेखा के प्रस्ताव की स्वीकृति.
3- 25 लाख तक का काम लाभुक समिति करेगा और 25 लाख से अधिक के लिए टेंडर होगा.
4- अनुकंपा पर होने वाली नियुक्ति में हिंदी टाइपिंग की अनिवार्यता खत्म.
5- केंद्र प्रायोजित मत्स्य संपदा योजना के लिए 85 करोड़ 70 लाख की लागत से योजना की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई, इसमें राज्य अंश 40% रहेगा.
6- पाकुड़ वन प्रमंडल के वन क्षेत्र पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह को अनियमितता के कारण अनिवार्य सेवा निवृत्ति देने का निर्णय.
7- झारखंड में न्यायलय, न्यायाधिकरण के लिए ई-फाइलिंग नियम के गठन के लिए राज्यपाल का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति.
8- झारखंड में फसल राहत योजना के लिए 25 करोड़ की राशि से कॉर्पस फंड का गठन.