झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने केंद्र से बकाया 1.36 लाख करोड़ की राशि मांगी है. उनके इस पत्र के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है. इस दौरान कांग्रेस और जेएमएम ने आरोप लगाया है कि बीजेपी किसी भी तरह पार्टी के महिला सशक्तिकरण के प्रयास को रोकना चाहती है.
राशि का भुगतान करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की फुल बेंच खंडपीठ ने भी अगस्त 14 को एक जजमेंट सुनाया था. सोरेन ने आरोप भी लगाया है कि हक मांगने पर जेल में डाल दिया जाता है. लेकिन वो झारखंड के लिए हर कुर्बानी के लिए तैयार हैं.
उन्होंने पत्र में लिखा है कि केंद्र से मिलने वाले 80% रेवेन्यू के सहारे ही यहां सोशियो इकॉनमिक डेवलपमेंट के कार्य किए जाते हैं. लगातार अपनी यात्रा के दौरान वो ये भी कहते आ रहे हैं कि महिला को मईया योजना के तहत 1000 की मिलने वाली राशि को भी दुगना कर दिया जाएगा. यानी 2000 रुपए उनके खाते में दिए जायेंगे.
'बीजेपी को मिले थे 50 लाख वोट'
उन्होंने आगे कहा,'जाहिर है सरकार का टारगेट 45 लाख महिलाएं हैं. बीते 2019 के चुनाव में बीजेपी को 50 लाख वोट मिले थे. ऐसे में 45 लाख में से प्रभावित होकर महिलाओ ने रूलिंग एलाइंस के लिए वोट किया तो अकेले ही सोरेन को सत्ता में वापसी करवा सकती है.'
बीजेपी की घबराहट आई सामने
लिहाजा चुनाव से पहले बकाया राशि की मांग की राजनीति प्रदेश में गरमाई हुई है. जेएमएम और कांग्रेस गठबंधन का आरोप है कि बीजेपी खुद एमपी और छत्तीसगढ़ में ऐसा (महिलाओं को राशि देकर) करके ही सत्ता में आई है. ऐसे में बीजेपी को घबराहट है की रूलिंग एलायंस को महिला कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयास का फायदा न मिल जाए. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय सोरेन के पत्र लिखने को जायज ठहराते हुए बीजेपी पर बरसे हैं.