झारखंड के डीजीपी रहे एमवी राव ने आईपीएस की चकाचौंध वाली नौकरी छोड़ वीआरएस लेने का फैसला लिया है. उन्होंने नौकरी छोड़कर खेती-बाड़ी करने का निर्णय लिया है. उन्होंने फैसला किया है कि वह अपने पुस्तैनी घर आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में जाकर खेती करेंगे.
तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी रहे एमवी राव राज्य के प्रभारी डीजीपी थे. 11 महीने वे इस राज्य के पुलिस मुखिया रहे. 11 फरवरी की देर शाम अचानक उन्हें डीजीपी के पद से हटा दिया गया और नीरज सिन्हा को राज्य का नया डीजीपी बना दिया गया.
राज्य सरकार के इस फैसले से आहत एमवी राव ने अचानक नौकरी छोड़ने का फैसला ले लिया. हालांकि उनकी छह महीने की नौकरी बची थी. वह एकीकृत बिहार के जहानाबाद में एएसपी से लेकर झारखंड के डीजीपी तक रहे.
एमवी राव अपने 34 साल के अपने करियर के दौरान बिहार में भागवत झा आजाद, जगरनाथ मिश्रा, लालू प्रसाद यादव से लेकर झारखंड के हेमंत सोरेन सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे.
हालांकि डीजीपी पद से हटाये जाने को लेकर एमवी राव ने मीडिया के सामने तो कुछ नहीं कहा. लेकिन उनका निर्णय और उनकी बात काफी कुछ कहती है. 'आजतक' के साथ विशेष बातचीत में एमवी राव ने बिहार की जमकर तारीफ की और अपने कार्यकाल के दौरान सीमित फोर्स, पुराने हथियार और खटारे गाड़ी का जिक्र करते हुए उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की.