
झारखंड के गिरिडीह में 5 लाख के इनामी कुख्यात नक्सली नुनुचंद महतो ने सरेंडर कर दिया है. नुनुचंद महतो पीरटांड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भेलवाडीह गांव का रहने वाले था, जिसे पुलिस लंबे अरसे से तलाश रही थी. नक्सली से हुई पूछताछ में कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं. नक्सली ने शुक्रवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया था.
पुलिस इनामी नक्सली से लगातार पूछताछ कर रही है. पूछताछ करने वाली टीम में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं. पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सीआरपीएफ, आईबी और सीआईडी के भी अधिकारी शामिल हैं. नुनुचंद ने नक्सलियों के खिलाफ कई अहम जानकारियां पुलिस को दी है, जिसके आधार पर पुलिस की टीम अलग-अलग इलाकों में स्पेशल रिसर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी कर रही है.
नक्सली नुनुचंद पीटरटांड से लेकर पारसनाथ तक में दहशत का पर्याय बना था. गांव के लोगों में नुनुचंद का खौफ था. इसकी ओर से जो भी फरमान गांव वालों को सुनाया जाता, वे मानने को मजबूर थे. 2016 से अब तक आतंक का दूसरा नाम इस इलाके में नुनुचंद ही बना हुआ था. इस इलाके की कमान नक्सलियों के शीर्ष नेताओं ने नुनुचंद महतो के हाथों सौंप रखी थी.
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करीब चार साल पहले पारसनाथ पहाड़ पर सिमरढाब के पास कोबरा बटालियन और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. करीब दो घंटे तक दोनों ओर से फायरिंग हुई थी, जिसमें एरिया कमांडर नुनुचंद महतो के दस्ते का एक नक्सली मारा गया था.
पुलिस से बदला लेने की फिराक में था नक्सली
घटना के वक्त नुनुचंद अपने दस्ते के 32 सदस्यों के साथ रणनीति बना रहा था, जिसकी सूचना गिरिडीह पुलिस को मिल गयी थी. सूचना मिलते ही पुलिस ने पारसनाथ के तराई वाले इलाके में घेराबंदी कर दी थी, जिसके बाद सिमराबेड़ा के पास सुरक्षाबलों का नक्सलियों से सामना हो गया था. दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई थी, जिसमें एक नक्सली मारा गया था.
मारे गए नक्सली के पास से पुलिस ने एक एसएलआर, दो मैगजीन में भरी 94 गोलियां, 24 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 1 इलेक्ट्रिक आईडी और कई गंभीर हथियार बरामद किए थे. करीब तीन दर्जन से अधिक मामलों में फरार चल रहे नक्सली नुनुचंद महतो की चल-अचल संपत्ति को पुलिस ने जब्त कर ली थी, जिससे बौखला कर नुनुचंद इसी का बदला लेने के लिए योजना बना रहा था.
बीमार चल रहा था खूंखार नक्सली
पिछले कुछ दिनों से इनामी नक्सली नुनुचंद महतो बीमार चल रहा था. उसकी तलाश नक्सली संगठन और पुलिस दोनों कर रही थी. कुछ महीने पहले नुनुचंद को संगठन से निकाल दिया गया था. करीब तीन महीने पहले नुनुचंद महतो को एक बार फिर से 25 लाख के इनामी नक्सली संगठन में काम करने का मौका दिया गया था. इस संगठन के रिजनल कमेटी के में अविनाश मांझी ने एक पत्र जारी कर नुनुचंद को संगठन में एक बार फिर से काम करने का मौका दिया था. इसके बाद से नुनुचंद सक्रिय होकर संगठन में काम करने लगा था, जिसके बाद पुलिस की टीम लगातार नुनुचंद की तलाश कर रही थी.
अजय महतो का रहा है करीबी
नुनुचंद महतो का सबसे गहरा लगाव 25 लाख के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर के साथ रहा है. नुनुचंद ने अजय महतो के साथ मिलकर कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है, जिसमें पुलिस नुनुचंद की तलाश कई वर्षों से करते आ रही है.
(गिरिडीह से सूरज सिन्हा के साथ सत्यजीत कुमार की रिपोर्ट.)
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