कोरोना के नए वेरिएंट BF.7 के थ्रेट यानी आने वाले संकट की आहट को ध्यान में रखकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव, मुख्य सचिव, रिम्स निदेशक समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि एडवांस प्लानिंग के साथ कोरोना से लड़ने की पूरी तैयारी है और लोगों को परेशान और भयभीत होने की जरूरत नहीं है. अभी झारखंड में सिर्फ एक संक्रमित मरीज है.
स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक के बाद बताया कि राज्य में उपलब्ध आरटीपीसीआर, ऑक्सीजन प्लांट, अस्पतालों में बेड की क्या स्थिति है और कोरोना से लड़ने के लिए बाकी संसाधनों को कैसे मोबिलाइज किया जाए, इस पर विचार किया गया. सिनर्जी के लिए आयुष समेत सभी इकाइयों के साथ सांमजस्य स्थापित कर कैसे इस संकट से उबरा जाए, मैन पॉवर की कमी को कैसे दूर किया जाए, रिम्स को और दुरुस्त कैसे किया जाए, इस पर चर्चा हुई.
'पूरी तरह से तैयार झारखंड सरकार'
बन्ना गुप्ता ने कहा कि अभी पैनिक होने का न तो कोई कारण है और न ही जरूरत. लिहाजा उन्होंने लोगों से भयभीत नहीं होने की अपील की. उनका मानना है कि पहले भी कोरोना से लडाई लड़ी गई है और इसके लिए विभाग सहित सरकार अभ्यस्त हैं. अगर फिर ऐसी स्थिति पैदा होती है तो राज्य पूरी तरह से तैयार है और रणनीति पर काम हो रहा है. फिलहाल यहां 19 हजार 535 बेड सरकारी अस्पतालों में तैयार हैं, 122 पीएसए प्लांट तैयार हैं, 27 आरटीपीसीआर लैब तैयार हो रही हैं.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जितने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है. थर्मोस्कैनिंग हो रही है और हर स्तर पर तैयारी हैं. मास्क को लेकर अभी कोई कड़ा प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है लेकिन लोगों को खुद इसकी आदत डालनी चाहिए. फिलहाल कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है. उन्होने कहा कि 27 दिसंबर से मॉक ड्रिल किया जाएगा. इसमें वे खुद और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी औचक निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लेंगे.