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Jharkhand: हेमंत सरकार ने पूरे किए 2 साल, देखिए सरकार का रिपोर्ट कार्ड

झारखंड में JMM के नेतृत्व वाली हेमंत सरकार का गठन 29 दिसंबर 2019 को हुआ था. सरकार और खुद हेमंत सोरेन ने अपने 2 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है. सरकार में आने से पहले हेमंत सोरेन ने कई चुनावी वादे किए थे. इनमें से 5 लाख रोज़गार और बेरोज़गारों को भत्ता देने का मुद्दा अहम था.

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विपक्ष ने सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप
  • कहा- हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है सरकार

झारखंड में JMM के नेतृत्व वाली हेमंत सरकार का गठन 29 दिसंबर 2019 को हुआ था. सरकार को कांग्रेस के 18, राजद के 1, NCP -1, CPIML -1 और एक निर्दलीय विधायक ने सरकार को समर्थन दिया था. सरकार और खुद हेमंत सोरेन ने अपने 2 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है. सरकार में आने से पहले हेमंत सोरेन ने कई चुनावी वादे किए थे. इनमें से 5 लाख रोज़गार और बेरोज़गारों को भत्ता देने का मुद्दा अहम था.

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अपने चिनावी वादे पर उनका कहना है कि उनके सत्ता में आते ही, फरवरी 2020 से ही कोरोना का खतरा मंडराने लगा. इसके बाद मार्च के आखिरी हफ्ते से लॉक डाउन लग गया, जिससे वेलफेयर और विकास के काम उस लेवल पर नहीं हो पाए, जितनी उम्मीद थी.

रवेन्यू कलेक्शन पर भी काफी बुरा प्रभाव पड़ा. हालांकि किसी सरकारी कर्मचारी की तनख्वाह में एक पैसे की कटौती नहीं की गई. जब लेबर घर वापसी कर रहे थे, तो 1 मई को पहली ट्रेन झारखंड आई थी. मजदूरों को पहली बार हवाई जहाज से यहां लाया गया. बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन में काम करने वाले मजदूरों के सर्विस कंडीशन पर भी MOU सरकार ने काम किया.

हालांकि वे विपक्ष के निशाने पर सीधे तौर पर हैं. 2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित करने के बावजूद नौकरी के लिए आवेदन नहीं मंगवाए गए. बेशक 252 सीट के लिए 7th से लेकर 10th JPSC का आयोजन ज़रूर किया गया. हालांकि उसके प्रीलिम्स इम्तेहान के रिजल्ट को लेकर भी सदन से लेकर सड़क तक हंगामा होता रहा. 677 से ज़्यादा हाई स्कूल शिक्षकों को नियुक्ति दी गई. 40 खिलाड़ियों को भी नियुक्ति दी गई. सरकार ने SOP जारी किया है कि यहां किसी भी प्राइवेट संस्थान को यूनिट लगाने पर 40 हज़ार तक की 70 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय को देनी होंगी.

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बीजेपी ने सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप

हालांकि बीजेपी ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल माना है और एक आरोप पत्र जारी किया है. आरोप पत्र में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि किसी भी राज्य में विकास की कई अवधारणाएं होती हैं. पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, लॉ एंड ऑर्डर. यह सरकार सभी मोर्चों पर विफल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने लोगों को मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखाकर दिग्भ्रमित कर सत्ता प्राप्त की. राज्य सरकार कोई भी ठोस प्रस्ताव लेकर केंद्र के पास नहीं गई. केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में सड़कों का नेटवर्क खड़ा करने का काम किया. गडकरी के आग्रह पर भी राज्य सरकार द्वारा सड़क निर्माण को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया. 

'कुपोषण की स्थिति को नहीं संभाल पाई सरकार'

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र से पैसे आने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क बनाने में राज्य सरकार विफल साबित हुई है. पूरे देश में गरीबी, कुपोषण के मामले में झारखंड राज्य पिछड़ा बन चुका है. जहां तक बिजली का सवाल है, डीवीसी के पाले में गेंद फेंक कर राज्य सरकार अपना दामन नहीं बचा सकती है. 

उन्होंने कहा कि डीवीसी झारखंड के अलावा बंगाल, छत्तीसगढ़ को भी देती है. सरकार डीवीसी का पैसा समय पर भुगतान कर देती है. वहां इसी कारण कोई व्यवधान नहीं होता. फिर झारखंड में ही ऐसा क्यों. यह पूरी तरह सरकार की विफलता है. ट्रांसफर पोस्टिंग में लूट हो रही है. यह संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ काम करने वाली सरकार है.

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'पेट्रोल और डीजल पर वैट कम नहीं करना जन विरोधी फैसला'

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर वैट कम नहीं करना, झारखंड सरकार का जन विरोधी निर्णय है. कोरोना को लेकर भी झारखंड सरकार गंभीर नहीं है. कई राज्यों ने जहां 100% वैक्सीनेशन का काम पूरा कर लिया है. वहीं झारखंड में 50% होना सरकार की विफलता है. 

भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सड़क से लेकर सदन तक सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध किया है. इस कारण 336 भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमा भी दर्ज किया गया है. बीजेपी संघर्ष करने वाले लोग की पार्टी है. संघर्ष और तेज होगा. पार्टी ने तय किया है कि 27 दिसंबर को राज्य के सभी जिलों में व्यापक रूप से धरना प्रदर्शन के साथ हवन का कार्यक्रम कर राज्य सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने का काम किया जाएगा. 29 दिसंबर को पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता फेसबुक लाइव आकर झारखंड सरकार की जनविरोधी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब करने का काम करेंगे.

हेमंत सरकार के दो साल, झारखंड बेहाल : बाबूलाल मरांडी

झारखंड सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सरकार को सभी मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताया है. उन्होंने कहा है कि किसी भी सरकार से जनता को सबसे पहले कानून व्यवस्था दुरुस्त रहने की काफी उम्मीदें होती हैं, ताकि जनता शांतिपूर्वक और भयमुक्त होकर जीवन यापन कर सके, लेकिन झारखंड प्रदेश में इन 2 वर्षों में कोई वर्ग सुरक्षित नहीं है. अपराध में लगातार बढ़ोतरी हुई है. 

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उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस महकमे को सरकार ने वसूली अभियान में लगा रखा है. लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त होने का यह एक प्रमुख कारण है. सरकार गठन से लेकर अब तक 3451 हत्याएं और 3154 दुष्कर्म की घटनाएं घटित होना हेमंत राज की सारी हकीकत बयां करने के लिए पर्याप्त हैं. दो वर्षों में कुल 1,14,000 क्राइम हुए हैं. 

'सरकार के पास विकास का कोई प्रारूप तय नहीं'

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि दिसंबर तक, बजट का मात्र 35% खर्च होना, झारखंड सरकार की इच्छाशक्ति को बताने के लिए काफी है. कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मात्र 10% ही खर्च हुआ है. गांव में विकास को लेकर सरकार पूरी तरह उदासीन रही है. भारत सरकार की योजना नल से जल योजना में महज 24 फ़ीसदी पैसा खर्च हुआ है. स्वास्थ्य का हाल तो बुरा है ही. सरकार के पास विकास का कोई प्रारूप और कोई प्राथमिकता तक नहीं है. किसानों के साथ सरकार ने पूरी तरह छल करने का काम किया है. पूरे राज्य में 15 दिसंबर तक मात्र 17000 टन धान की खरीद हो पाई है, जबकि लक्ष्य 8 लाख टन की खरीदारी का था.

'किसानों की समस्याओं पर नहीं दिया जा रहा ध्यान'

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि किसान राज्य सरकार के कुप्रबंधन के कारण किसानों को औने-पौने दाम पर बिचौलियों को धान बेचने के लिए विवश हैं. जेपीएससी में घोटाले की बात पूरी तरह सिद्ध हो चुकी है. जब नौजवानों ने दस्तावेज प्रस्तुत किया था, 49 लोगों का रिजल्ट रद्द किया गया. ओएमआर शीट जारी नहीं की गई. विधानसभा सत्र के दौरान हमारी पार्टी इस पर चर्चा चाहती थी, परंतु सरकार भागती रही. 

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उन्होंने कहा कि जेपीसी मामले की जांच सीबीआई से कराने और जेपीएससी चेयरमैन को बर्खास्त करने की मांग हम पुन: दोहराते हैं. यह सरकार कितनी विचित्र है, जहां कोई शिकायत नहीं है, वहां का एग्जाम रद्द कर रही है. जहां शिकायत है, वहां कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. कई लोगों को केवल नियुक्ति पत्र देना है. कोर्ट का आदेश तक है, परंतु राज्य सरकार चुप्पी साधे हुए है. मनरेगा का हाल प्रदेश में बुरा है.

'केवल मुस्लिम समुदाय को खुश कर रही है सरकार'

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार तुष्टीकरण की राजनीति में पूरी तरह लीन है. नमाज कक्ष आवंटित करना उसका बड़ा उदाहरण है. सड़क से लेकर सदन तक पार्टी ने पुरजोर आंदोलन किया. कार्यकर्ताओं पर मुकदमा तक हुआ. सरकार मामले को 45 दिन में पटाक्षेप करने का वादा कर अभी तक चुप्पी साधे हुए है. यह सब केवल मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए किया गया. तुष्टिकरण का एक और उदाहरण 5 मार्च 2021 को सरकार के द्वारा जारी एक संकल्प से समझा जा सकता है. उन्होंने कहा कि एसटी, एससी और ओबीसी के छात्रों को साइकिल के लिए आवेदन के साथ ऑनलाइन निर्गत जाति प्रमाण पत्र देना था. वहीं मुस्लिम के बच्चे के लिए स्वघोषित ही जाति प्रमाण पत्र पत्र देने का संकल्प जारी किया गया. यह तुष्टीकरण की पराकाष्ठा नहीं तो और क्या है. 

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मुख्यमंत्री सोरेन बोले: विपक्ष का काम ही आरोप लगाना है

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि जब से सत्ता संभाली, तब से डेढ़ साल कोरोना में बीत गया. बाकी के समय मे कई ठोस कल्याणकारी योजनाओं पर सरकार ने काम किया. 7वीं से लेकर 10वीं JPSC का इम्तेहान करवाया और इसके अलावा भी माइग्रेंट मजदूरों के लिए कई ठोस कदम उठाए. यूनिवर्सल पेंशन स्कीम देश की एक ऐसी पेंशन स्कीम है, जिसमें कोई कोटा नहीं है. जो इनकम टैक्स पे नहीं करता, वो शामिल हो सकता है और लाभ ले सकता है. विपक्ष का काम ही सिर्फ सत्तापक्ष पर आरोप लगाना है. 

मॉब लिंचिंग को लेकर पारित किया है कानून

हाल में ही खत्म हुई झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने प्रिवेंशन ऑफ़ मॉब लिंचिंग बिल 2021 लाया और उसे पारित किया. इसके पहले मणिपुर, वेस्ट बंगाल, राजस्थान ने भी ऐसा बिल पारित किया था, वहां कानून है. हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे पर कहा कि केंद्र में मोदी की सरकार है, जो सोशल फैब्रिक को बर्बाद करने पर उतारू है, इसलिए इस मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून की ज़रूरत पड़ी. तुष्टिकरण की कोई कोशिश सरकार ने नहीं की.

1 रुपये किलो के दर पर दिया जाता है अनाज

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इसके अलावा 10 रुपये में सोना सोबरन साड़ी धोती लुंगी योजना सरकार चला रही है, जिसमें 61 लाख परिवार के दो लोगों को यानी 1 करोड़ 22 लाख लोगों को साल में दो बार योजना का लाभ दिया जाता है. वित्त मंत्री सह फ़ूड एंड सिविल सप्लाइज मंत्री डॉ. रामेश्वर ओरण का कहना है कि 56 लाख परिवार जो फ़ूड सिक्योरिटी के तहत आते हैं, उसके अलावा भी सस्ते अनाज का लाभ 15 लाख हरा कार्ड धारियों को सरकार देती है. 

इसके अलावा सबको 1 रुपये किलो के दर पर अनाज दिया जाता है. वित मंत्री का आरोप है कि झारखंड सिर्फ केंद्र की वजह से गरीब है. 53000 एकड़ पर वो माइनिंग करती है, जिसके ऐवज में उसे 65000 करोड़ से अधिक देने हैं, लेकिन अभी तक नहीं दिया. वहीं बिजली बिल जो DVC को दिया जाना था, 5200 करोड़ के आसपास उसे केंद्र आरबीआई से केंद्र झारखंड के खाते से ऑटो डेबिट करवा लेती है.

करोड़ों की योजनाओं का होगा शिलान्यास

सरकार की ओर से 15753 करोड़ के योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन 29 दिसंबर को किया जाएगा. इसमें 70 करोड़ की लागत से बनने वाले स्मार्ट सिटी में मंत्रियों का आलीशान बंगला भी है. 60,000 पारा शिक्षकों को बिहार की तर्ज पर नियुक्ति देने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की है. अब उन्हें असिस्टेंट टीचर कहा जाएगा. वेतनमान दिया जाएगा. तमाम भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी. रिटायरमेंट की उम्र भी तय की गई है. अलग अलग विभाग में लगभग 3.25 लाख पद रिक्त हैं. इस मुद्दे पे CM का कहना है कि ये स्थिति सही नियमावली नहीं होने के कारण समस्या होती है. जब भी नियुक्ति निकालते हैं तो मामला कोर्ट में जाता है. उसको सही करना ज़रूरी था, इसलिये विलंब हुआ है.

नए साल में दुरुस्त होंगी सभी व्यवस्थाएं

CM हेमंत सोरेन ने बताया कि यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत 3.68 लाख एप्लीकेशन आए थे. 2.45 लाख को फंड ट्रांसफर करने के आर्डर भी दे दिए गए हैं. कुल 35 लाख एप्लीकेशन सरकार आपके द्वारा कार्यक्रम में अलग-अलग समस्या को लेकर आए थे, इसमें 25 लाख का डिस्पोजल कर दिया गया है. नए साल में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने का लक्ष्य सरकार का है. 24 जिला में स्टेट off the art इंग्लिश स्कूल खोलने को सोरेन प्राथमिकता मानते हैं.

दो साल पूरे होने पर आयोजित होगा कार्यक्रम

दो साल पूरे होने पर सरकार ने एक समारोह का आयोजन किया है, जो मोरबादी मैदान में होगा. समारोह में पांच हजार आगंतुक उपस्थित होंगे. कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्यक्रम स्थल में लगभग 5 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. इस समारोह में राज्य के विभिन्न जिलों से लोग व आगंतुक उपस्थित होंगे. राज्य स्तरीय समारोह से सभी जिले एलईडी स्क्रीन्स के माध्यम से ऑनलाइन जुड़े रहेंगे.

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