झारखंड हाईकोर्ट ने 781.39 करोड़ के जीएसटी धोखाधड़ी मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. कोर्ट ने फर्जी फर्मों और चालान से जुड़े 781.39 करोड़ की जीएसटी धोखाधड़ी मामले में आरोपी सुमित गुप्ता को जमानत देने से इनकार कर दिया. अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा है कि देश का एक साधारण व्यक्ति भी राष्ट्र व राज्य के निर्माण और विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार को सीजीएसटी और एसजीएसटी का भुगतान कर रहा है. लेकिन आरोपी सुमित गुप्ता जैसे व्यक्ति जो सफेदपोश अपराधी हैं, वे फर्जी कागज और फर्म बनाकर योजनाबद्ध तरीके से जालसाजी करके और व्यक्तिगत लाभ हासिल करने के लिए सार्वजनिक धन की हानि करके राष्ट्र और राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं.
कोर्ट ने कहा कि इसके चलते राष्ट्र और राज्य के विकास में बाधा आ रही है. समाज के ऐसे सफेदपोश अपराधियों को आंख खोलने वाला संदेश भेजने के लिए अलग दृष्टिकोण से निपटा जाना चाहिए. आरोपी की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुभाष चांद की कोर्ट में सुनवाई हुई. सुमित गुप्ता पर जमशेदपुर में GST चोरी का मामला दर्ज है. सेंट्रल GST विभाग की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता पीएस पति और अनुराग विजय ने पक्ष रखा. वहीं सुमित गुप्ता की ओर से अधिवक्ता नितिन कुमार पसारी ने बहस की.
डायरेक्टरेट जनरल गुड्स एंड सर्विस टैक्स के अधिकारियों ने सुमित गुप्ता को अप्रैल 8को कोलकाता से गिरफ्तार किया था. तब से वो जेल में हैं.गुप्ता पे 135बोगस फर्म चलाने का आरोप है .इसके जरिए ही वो जीएसटी के फर्जी इनवॉइस भी जनरेट करके अपना लाभ लेते थे और देश के राजस्व का नुकसान करते थे. इसके अलावा भी कोर्ट ने कई तरह के घपले गुप्ता द्वारा किए जाने का जिक्र किया.