कोरोना संकट के बीच प्लाज्मा थेरेपी पर भी काफी भरोसा जताया गया है. कई कोविड मरीजों की जान इस प्लाज्मा थेरेपी के जरिए बचाई गई है. ऐसे में जब देश कोरोना की दूसरी लहर से त्रस्त दिखाई दे रहा है, तो ऐसे मुश्किल समय में भी प्लाज्मा थेरेपी कारगर साबित हो रही है. अब इसी बात को समझा है झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ इरफान अंसारी ने जिन्होंने एक नया ऐप बनवाया है, जिसके जरिए कोविड मरीजों को प्लाज्मा दिलवाया जा रहा है.
प्लाज्मा दिलवाने के लिए ऐप
कोरोना वैश्विक महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्लाज्मा ऐप डिजाइन कराया गया है. यहां पर जाकर कोरोना के मरीज आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और प्लाज्मा ले सकते हैं. उन्हें इधर-उधर परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस बारे में कांग्रेस विधायक ने विस्तार से बताया है. वे कहते हैं कि युवा रक्तदान से अनेकों की जिंदगी बचाई जा सकती है, लेकिन मौजूदा हालात में प्लाज्मा देने वाले की जरूरत है. कोरोना को मात देने वाले युवाओं को दूसरों की जिंदगी सुरक्षित करनी चाहिए. ज्यादा से ज्यादा युवा इस ऐप में रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं जिससे कोरोना संक्रमित मरीजों की जान आसानी से बचाई जा सकती है.
क्या होती है प्लाज्मा थेरेपी?
जानकारी के लिए बता दें कि प्लाज्मा थेरेपी में उस इंसान का प्लाज्मा लिया जाता है जिसने कुछ समय पहले ही कोरोना पर जीत दर्ज की होती है. ऐसे व्यक्ति के खून में से प्लाज्मा निकाला जाता है और प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडी जब किसी दूसरे मरीज में डाला जाता है तो बीमार मरीज में वायरस कमजोर होने लगता है और वह स्वस्थ हो जाता है. अब झारखंड में भी इस ऐप के जरिए प्लाज्मा थेरेपी को काफी बढ़ावा दिया जाएगा. राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
झारखंड में लॉकडाउन
झारखंड में कोरोना की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. राज्य में पिछले कई दिनों से 8 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. मौतें भी इतनी ज्यादा हो रही हैं कि श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार करना मुश्किल साबित हो रहा है. हालात को देखते हुए राज्य सरकार की तरफ से लॉकडाउन को भी 6 मई तक बढ़ा दिया गया है और लोगों पर भी तरह-तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं.