scorecardresearch
 

झारखंड में अनलॉक: होटल-लॉज-बसों को इजाजत, शर्तों के साथ खुलेंगे रेस्टोरेंट

झारखंड सरकार के नए आदेश के मुताबिक जिलों के अंदर बसें चलाने की अनुमति दे दी गई है. होटल, धर्मशाला, लॉज, गेस्ट हाउस खोलने की इजाजत दी गई है. सरकार ने 6 महीने बाद इसे शुरू करने का फैसला लिया है. हालांकि इसके लिए कई प्रकार के एसओपी और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

Advertisement
X
हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कंटेनमेंट जोन में 30 सितंबर तक लॉकडाउन
  • छह महीने बाद खुलेंगे होटल और धर्मशाला
  • जिलों के अंदर बसें चलाने की अनुमति दी

झारखंड में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने कंटेनमेंट जोन में 30 सितंबर तक लॉकडाउन जारी रखने का ऐलान किया है. हालांकि सरकार ने जो नई गाइडलाइंस जारी की है, उससे लोगों को बड़ी राहत मिलती दिख रही है. नई एडवाइजरी में सरकार ने कई सेवाओं को शुरू करने का आदेश दिया है.

Advertisement

झारखंड सरकार के नए आदेश के मुताबिक जिलों के अंदर बसें चलाने की अनुमति दे दी गई है. होटल, धर्मशाला, लॉज, गेस्ट हाउस खोलने की इजाजत दी गई है. सरकार ने 6 महीने बाद इसे शुरू करने का फैसला लिया है. हालांकि इसके लिए कई प्रकार के एसओपी और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. ग्राहकों के लिए रेस्टोरेंट खुलेंगे लेकिन कुछ शर्तों के साथ. कई महीने बाद शॉपिंग मॉल्स भी खुलने जा रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में जूते-चप्पल की दुकानें शुरू करने की इजाजत दी गई है. सैलून, स्पा और ब्यूटी पार्लर भी शुरू कर दी गई हैं.

इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कई अलग-अलग सेक्टर में संस्थानों को खोलने का निर्णय जेईई और नीट परीक्षाओं को देखते हुए लिया गया. सरकार के पास छात्रों को राहत देने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं था. सोरेन ने यह भी कहा कि वे केंद्र सरकार के उस फैसले का विरोध करेंगे जिसमें परीक्षा कराए जाने का आदेश दिया गया है. उन्होंने परीक्षा स्थगित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखा है. उनका कहना है कि सरकार फैसला वापस नहीं लेती है तो वे सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे.

Advertisement

झारखंड सरकार की ओर से 30 सितंबर तक जारी किए गए अनलॉक के निर्देश पर हेमंत सोरेन ने एक ट्वीट में लिखा, सभी लोगों से मेरी अपील है सरकारी नियमों का सख़्ती से पालन करें और मुंह पर मास्क का उपयोग अवश्य करें. आपस में दूरी बनाएं, मगर दिलों को जोड़े रखें. इसके अलावा, सरकार की ओर से पहले जो भी एडवायजरी जारी की गई है, उसे आगे भी जारी रखा जाएगा.

Advertisement
Advertisement