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झारखंड: लंबी बीमारी से ठीक होकर 8 महीने बाद रांची पहुंचे शिक्षा मंत्री जगरनाथ, सीएम हेमंत ने किया स्वागत

झारखंड के शिक्षामंत्री जगरनाथ मंत्री लंबी बीमारी से ठीक होकर सोमवार देर रात चार्टर्ड प्लेन से रांची पहुंचे, उन्हें रिसीव करने खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहुंचे. 28 सितंबर 2020 को उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई थी.

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एयरपोर्ट पर खुद सीएम हेमंत सोरेन ने किया जगरनाथ महतो को रिसीव.
एयरपोर्ट पर खुद सीएम हेमंत सोरेन ने किया जगरनाथ महतो को रिसीव.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 28 सितंबर 2020 को हुई थी तबीयत खराब
  • लंबे अरसे तक अस्पताल में भर्ती थे मंत्री
  • 8 महीने तक बीमारी से जूझते रहे जगरनाथ

झारखंड के शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो लंबी बीमारी से ठीक होने के बाद सोमवार शाम चार्टर्ड प्लेन से रांची पहुंचे. एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद मौजूद रहे. शिक्षा मंत्री को डॉक्टरों की निगरानी में चेन्नई से रांची लाया गया है.

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सीएम सोरेन से मुलाकात के बाद जगरनाथ महतो रांची एयरपोर्ट से सीधे डोरंडा स्थित अपने आवास के लिए रवाना हो गए. इस दौरान उन्होंने हाथ हिलाकर पत्रकारों और लोगों का अभिवादन किया. पहले कोरोना संक्रमण के बाद चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में इलाज करा रहे मंत्री जगरनाथ महतो ने इससे पहले अपने चिकित्सकों से मुलाकात की. 

झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने चेन्नई के एमजीएम अस्पताल के चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को भी धन्यवाद दिया. अपने विधानसभा क्षेत्र में टाइगर के नाम से मशहूर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि एमजीएम अस्पताल के चिकित्सकों ने जिस तरह से उनका इलाज किया और स्टाफ ने जिस तरह से उनकी देखभाल की उसके लिए इन्हें धन्यवाद देता हूं.

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28 सितंबर 2020 को बिगड़ी थी तबीयत

साल 28 सितंबर 2020 को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की तबीयत खराब हो गई थी. इसके बाद उनको रांची रिम्स में भर्ती कराया गया था. फेफड़ों में संक्रमण की वजह से तीन दिन बाद उन्हें मेडिका में भर्ती कराया गया. इस बीच उनकी कोरोना जांच की गई जो पॉजिटिव आई. करीब एक महीने तक रांची में उनका इलाज चला. 

 

एयरपोर्ट पर सीएम से मिलते शिक्षामंत्री

लंग्स किया गया था ट्रांसप्लांट

स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर 19 अक्टूबर को उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिेए रांची से चेन्नई लाया गया. चेन्नई में उन्हें एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया. 28 अक्टूबर को अस्पताल की तरफ से एक मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया था, जिसमें उनके फेफड़ों में कोई सुधार नहीं दिखा. तब डॉक्टर्स ने लंग्स ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया. 

10 नवंबर को जगरनाथ महतो का लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया. 11 जनवरी को उन्हें आईसीयू से जनरल वॉर्ड में शिफ्ट किया गया था. अभी उनका लंग्स 100 प्रतिशत काम कर रहा है. करीब 8 महीने के बाद वो चेन्नई से कोरोना को हराकर झारखंड लौट रहे हैं. इस खबर से झारखंड के उनके चाहने वालों और समर्थकों में खुशी है.

 

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