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जमशेदपुर: मिल गई दोनों पायलटों की लाश लेकिन तीन दिन बाद भी जारी है विमान की तलाश

झारखंड के जमशेदपुर में सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद लापता हुए ट्रेनी विमान का अब तक पता नहीं चल पाया है. तीन दिनों की तलाशी अभियान के बाद भी अब तक विमान का पता नहीं लगाया जा सका है जबकि दोनों पायलटों के शव को चांडिल डैम से बरामद किया जा चुका है. ग्रामीणों ने कहा है कि विमान बांध में ही क्रैश हुआ है.

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जमशेदपुर में लापता विमान का नहीं चला पता
जमशेदपुर में लापता विमान का नहीं चला पता

जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद गायब ट्रेनी विमान का तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है जबकि विमान के दोनों पायलटों का शव बरामद किया जा चुका है.

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न्यूज एजेंसी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि 20 अगस्त को जमशेदपुर से उड़ान भरने के बाद लापता हुआ ट्रेनी विमान अभी तक नहीं मिला है और शुक्रवार को भी बांध में उसके लिए तलाशी अभियान जारी है.

दो सीटों वाले विमान में सवार प्रशिक्षु पायलट और उसके ट्रेनर के शव को चांडिल बांध से बरामद किया गया था. चांडिल की उपविभागीय मजिस्ट्रेट सुभ्रा रानी ने बताया, 'लापता सेसना-152 विमान का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है.'

लापता विमान को ढूंढने में जुटी नौसेना की टीम

भारतीय नौसेना की एक टीम ने गुरुवार को अपनी खोज फिर शुरू की लेकिन शुक्रवार को भी उन्हें कोई सफलता नहीं मिली. पहले दिन, स्थानीय अधिकारियों और वन विभाग ने विमान की खोज की, जबकि 21 अगस्त को एनडीआरएफ की एक टीम को यह कार्य सौंपा गया था लेकिन विमान का पता नहीं चल पाया.

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इसके बाद सरायकेला-खारस्वान जिले के अधिकारियों के अनुरोध पर विशाखापत्तनम से नौसेना की एक टीम आई और चांडिल बांध के जलाशय के पानी के नीचे अलकेमिस्ट एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के लापता विमान की तलाश शुरू की.

घटना पर कुछ कहना जल्दबाजी: एविएशन कंपनी

कंपनी के महाप्रबंधक रबी भूषण पाठक ने कहा कि नौसेना के जवानों ने तलाशी अभियान चलाने के लिए बांध में एक विशिष्ट क्षेत्र को चिह्नित किया है लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है. अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षु पायलट शुभ्रोदीप दत्ता और पायलट-इन-कमांड कैप्टन जीत शत्रु आनंद के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं. दत्ता जमशेदपुर के पास आदित्यपुर के रहने वाले थे.

पाठक ने कहा कि कैप्टन शत्रु के शव को परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार के लिए पटना ले गए हैं. बता दें कि मंगलवार को सोनारी हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान लापता हो गया था.

बांध में क्रैश हो गया विमान: ग्रामीण

ग्रामीणों ने दावा किया था कि विमान बांध में क्रैश कर गया था. अलकेमिस्ट एविएशन ने एक बयान में कहा कि दुर्घटना के कारणों के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. हालांकि कंपनी की तरफ से बताया है कि जो विमान लापता हुआ है उसमें 4 घंटे 30 मिनट की उड़ान क्षमता के साथ 80 लीटर ईंधन था और उड़ान का समय 1 घंटा निर्धारित था.' मंगलवार सुबह करीब 11.10 बजे विमान का संपर्क जमशेदपुर एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर (एटीसी) से टूट गया था.

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