scorecardresearch
 

राजस्थान की संस्था ने बिरसा मुंडा के परिवार को दी आर्थिक मदद, सब्जी बेचती नजर आई थीं परपोती

बिरसा मुंडा के नाम पर झारखंड में कई योजनाएं हैं. लेकिन इन योजनाओं से बिरसा मुंडा का परिवार अबतक दूर ही नजर आता है. बिरसा मुंडा का परिवार आज बदहाली में जीने को मजबूर है. 

Advertisement
X
granddaughter of birsa munda
granddaughter of birsa munda
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बदहाली की जिंदगी जीने को मजबूर बिरसा मुंडा का परिवार
  • सब्जी बेचकर जीवन यापन कर रहीं बिरसा मुंडा की परपोती

बदहाली की जिंदगी जीने को मजबूर बिरसा मुंडा के परिवार की मदद के लिए राजस्थान की एक संस्था आगे आई. आदिवासियों के इस सामाजिक संगठन ने बिरसा मुंडा की परपोती जॉनी मुंडा और उनके परिवार को 5 लाख रुपये का चेक दिया. दरअसल, कुछ पिछले महीने 9 जून को बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उनके परिवार की बदहाली की खबरें सामने आई थीं. इतना ही नहीं उनकी परपोती की सब्जी बेचते हुए तस्वीर भी सुर्खियां बनी थीं.

Advertisement

झारखंड में बिरसा मुंडा को भगवान का दर्जा दिया जाता है. तमाम नेता भले ही वे किसी भी पार्टी के हों, बिरसा मुंडा के नाम को नजरअंदाज कर राज्य की राजनीति में अपना अस्तित्व नहीं बचा सकते. बिरसा मुंडा के नाम पर झारखंड में कई योजनाएं हैं. लेकिन इन योजनाओं से बिरसा मुंडा का परिवार अबतक दूर ही नजर आता है. बिरसा मुंडा का परिवार आज बदहाली में जीने को मजबूर है. 

परिवार के पास खेती तक नहीं

बिरसा मुंडा के पोते सुखराम ने हाल ही में बताया था कि उनके पास अजीविका के लिए जमीन तक नहीं है. दरसअल, जो जमीन उनकी थी, उसे स्मारक और बिरसा मुंडा की याद में स्कूल और स्टेडियम में तब्दील कर दिया गया. ऐसे में उनके पास खेती तक की जमीन नहीं है. 
 
मदद के लिए आगे आई संस्था

राजस्थान के खिजरी से कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप के साथ तमाम समाजिक कार्यकर्ता उलिहातू पहुंचे. संस्था ने मुंडा के परिवार को 5 लाख का चेक दिया. ताकि उनकी कुछ परेशानी दूर हो सके. साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के लिए नीति बनाई जाए, ताकि इनके आने वाले वंशज और इनके धरोहर को संभाल कर रखा जा सके.

Advertisement

सब्जी बेचकर पढ़ाई कर रहीं जॉनी

जॉनी मुंडा सब्जी बेचती हैं. इससे जो पैसा मिलता है, वे अपने परिवार का खर्चा चलाती हैं और अपनी पढ़ाई करती हैं. उन्होंने स्नातक किया है. मदद मिलने के बाद जॉनी ने कहा, अब वे इन पैसों से सबसे पहले अपनी पढ़ाई पूरी करेंगी. साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की है कि उलीहातू में रहने वाले लोगों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपना गुजर बसर अच्छी तरह से कर सकें. 

इनपुट- अरविंद सिंह 

 

Advertisement
Advertisement