झारखंड से राज्यसभा के लिए इंडिया गठबंधन और एनडीए के उम्मीदवार बगैर चुनाव लडे ही ऊपरी सदन यानी राज्यसभा पहुंच जाएंगे. दो सीट के लिए एनडीए और इंडिया ब्लॉक के एक-एक उम्मीदवार ने ही नामांकन दाखिल किया है. झारखंड में 21मार्च को खाली हो रहे दो सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होना था. बीजेपी से प्रदीप वर्मा और INDIA ब्लॉक से सरफराज अहमद ने नामांकन किया था.
जाहिर है दो उम्मीदवारों के ही चुनावी मैदान में होने से अब चुनाव नही होगा. सीएम चंपई सोरेन और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड ने बीते दो बार स्वस्थ्य एवं स्वच्छ राजनीति की परंपरा कायम की है.दोनों उम्मीदवारों के निर्विरोध चयन से अब वैसा माहौल नहीं दिखेगा जैसा यूपी और हिमाचल में दिखा था.
जब झारखंड में राज्यसभा चुनाव में हुई थी हॉर्स ट्रेडिंग
झारखंड के बारे में ये अवधारणा आम थी की यहां की राजनीति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है. राज्यसभा चुनावो में यहां नोट पकड़े गए और हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर सीबीआई जांच तक हुई. राज्यसभा सांसद के ठिकानों से भी साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए बरामद किए गए थे. इन तमाम उदहारण और एक तीसरे मुंबई बेस्ड व्यापारी द्वारा पर्चा खरीदने से प्रतीत होता था की इस बार फिर यहां 21 मार्च को चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग का बोलबाला रहेगा. हालांकि अवधारणा से इतर दो सीटों के लिए इंडिया और एनडीए से दो ही उम्मीदवारों ने पर्चा भरा और दोनों के राज्यसभा पहुंचने की राह बिलकुल आसान और तय हो गई.
जेएमएम का बीजेपी पर निशाना
इस पर सीएम चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड, यूपी और हिमाचल से अलग है.इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी सरफराज अहमद ने कहा की हेमंत सोरेन ने अपना वायदा निभाया, वो जो कहते है वहीं करते हैं, जेएमएम के महासचिव सुप्रियो ने कहा की अब बीजेपी दूसरो से भ्रष्टचार पर पूछने से पहले इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर जवाब दे.
जो दो सीटें खाली हुई थी उस पर पहले कांग्रेस नेता धीरज साहू और बीजेपी नेता समीर उरांव सांसद थे, लेकिन इस बार कांग्रेस उम्मीदवार को जेएमएम ने मौका नहीं दिया है, लिहाजा अब झारखंड से कांग्रेस का दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व शून्य हो गया है. यहां कुल 80 विधायक अभी सदन में हैं. लिहाजा 27 वोट पर चुनाव होता तो जीत हासिल की जा सकती थी.