झारखंड विधानसभा (Jharkhand Assembly) में नमाज (Namaz) के लिये एक कमरा आवंटन किये जाने का मसला तूल पकड़ता जा रहा है. पूर्व सीएम रघुवर दास (Raghubar Das) ने इस फैसले को वापस लिये जाने की मांग की है.
विधानसभा स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो को इस पर सोमवार को चिट्ठी भी लिखी. जिसमें कहा गया है कि लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा में नमाज के लिए अलग कमरा आवंटन का निर्णय ठीक नहीं. इसे वापस लें. यह संविधान विरोधी निर्णय है. 48 घंटे में वापस नहीं लेने पर वे विधानसभा परिसर के मुख्य द्वार पर धरना देने बैठेंगे.
स्पीकर को लिखी चिट्ठी में रघुवर ने कहा कि इस फैसले को वापस लें. किसी व्यक्ति विशेष का अपने पंथ और धर्म के अनुसार प्रार्थना करना उसकी व्यक्तिगत निष्ठा से जुड़ा हुआ है. इस पर किसी को आपत्ति नहीं.
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विधानसभा में संविधान की शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधि बैठते हैं. विधि विधान बनाये जाते हैं, संविधान की मूल भावना पंथ निरपेक्षता को आत्मसात करने की रही है. ऐसे में माननीय सदस्यों या नागरिकों के साथ भेदभाव की इजाजत नहीं दी जानी चाहिये. यदि स्पीकर ने किसी दबाव, प्रभाव या आग्रह से नमाज के लिये अलग कमरा दिये जाने का आदेश दिया है तो उसे वापस लें. इससे संवैधानिक मूल्यों और पंथ निरपेक्षता की रक्षा होगी. साथ ही अध्यक्ष पद की गरिमा भी बची रहेगी.
गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ. ये हंगामा परिसर में नमाज के लिए अलग से कमरा अलॉट किए जाने को लेकर हुआ. इस फैसले के विरोध में बीजेपी विधायकों ने विधानसभा में ही भजन-कीर्तन किया.