उत्तर प्रदेश के चर्चित गैंगस्टर अमन सिंह की धनबाद जेल में ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई. अमन सिंह को 6 गोलियां मारी गई थी. चार गोली उसके पेट में लगी थी जबकि दो गोली सिर पर मारी गई. अमन सिंह की मौत हो चुकी है लेकिन अभी तक पुलिस ये पता नहीं लगा पायी है कि उसकी हत्या किसने की है.
हैरानी की बात ये है कि अमन सिंह कई बार चिल्ला-चिल्लाकर अपनी जान को खतरा बता चुका था और यूपी जेल भेजे जाने की गुहार भी लगाई थी. उसने एक बड़े घराने पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वो लोग उसकी हत्या करवा देंगे.
अमन सिंह ने जताई थी हत्या की आशंका
18 जुलाई 2022 को जब अमन सिंह एक मामले में पेशी के लिए धनबाद कोर्ट पहुंचा था तो उस दौरान मीडिया के सामने अपनी जान को खतरा बताया था. 6 जून 2022 को उसकी ओर से वकील मोहम्मद जावेद ने धनबाद कोर्ट में अपील भी दायर की थी जिसमें एक चर्चित परिवार का नाम लिया गया था.
अमन सिंह की ओर से वकील ने कोर्ट में कहा था कि धनबाद जेल में उसे खतरा है जिसके बाद अमन सिंह को दुमका जेल में शिफ्ट कर दिया गया था. धनबाद जेल से दुमका जेल में शिफ्ट किये जाने के दौरान भी अमन सिंह ने कहा था कि उसकी हत्या हो सकती है. उसकी ये आशंका सच साबित हुई. ऐसे में हम आपको बता रहें है कि आखिर अमन सिंह कौन था और कैसे इतना बड़ा गैंगस्टर बना.
अमन सिंह कैसे बना गैंगस्टर
गैंगस्टर अमन सिंह यूपी के अंबेडकर नगर का रहने वाला था और उसने बहुत पहले तय कर लिया था कि उसे अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह बनना है. गांव की एक लड़ाई में आरोपी बनाए जाने के बाद अमन सिंह पहली बार साल 2010 में जेल गया था.
फैजाबाद जेल में रहने के दौरान ही उसकी मुलाकात यूपी के कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी से हुई थी. इसके बाद वो मुन्ना बजरंगी का शागिर्द बन गया. मुन्ना बजरंगी के कहने पर ही उसने साल 2015 में आजमगढ़ में डॉक्टर सरोज को गोली मार दी थी.
डॉक्टर की हत्या के बाद वो चर्चा में आ गया और जब इस मर्डर केस में जेल से बाहर आया तो जुर्म की दुनिया में अपना नाम बना चुका था. इसके बाद उसने धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या कर दी जिसके बाद वो यूपी के बाद झारखंड में भी मोस्ट वांटेड की लिस्ट में आ गया. इसके बाद उसने दर्जनों आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया.
काली कमाई से बनाई अकूत संपत्ति
इसके बाद अमन सिंह ने झारखंड में रंगदारी मांगने का धंधा शुरू कर दिया और अवैध रूप से कोयला बेचकर भी खूब पैसे कमाए. बिहार और यूपी में कोयला भेजने वाले तस्करों से उसकी सांठगांठ थी और उसमें उसे 30 फीसदी की हिस्सेदारी मिलती थी.
काली कमाई से अमन सिंह और उसके भाई ने खूब संपत्ति बनाई थी. अमन सिंह ने बिहार, यूपी और बंगाल से लेकर नेपाल तक में संपत्ति और फ्लैट खरीदे थे. पुलिस ने जब अमन सिंह के भाई को साल 2022 में गिरफ्तार किया था तो उसकी काली कमाई का असल खुलासा हुआ था.