झारखंड के पलामू में एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं, मृतक महिला के परिजनों ने आत्महत्या से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है. महिला के परिजनों ने पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की है.
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है. उधर, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. मामला मेदिनीनगर शहर थाना अंतर्गत हाउसिंग कॉलोनी का है. यहां के रहने वाले मंटू कुमार सिंह की शादी साल 2005 में डोली देवी के साथ हुई थी. 43 साल के मंटू पेशे से ड्राइवर है. दोनों के दो बच्चे भी है. लड़के की उम्र 17 साल और लड़की की उम्र 15 साल है. 13 जुलाई को डोली का शव घर में लटकता हुआ मिला था. आनन-फानन में परिजन उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए थे.
शरीर पर चोट के निशान और फर्श पर टूटी चूड़ियां
वहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया. वहीं, मृतक की मां मंजू देवी और परिजनों ने थाने में लिखित शिकायत करते कहा कि यह आत्महत्या नहीं हत्या है. आरोप है कि जहां फांसी पर लटका शव मिला है, उसकी ऊंचाई बेहद कम है. शरीर पर चोट के निशान भी हैं. फर्श पर फूटी हुई चूड़ियां भी मिली है. उन्हें शक है कि डोली को उसके पति ने मारकर फांसी पर लटकाया है.
फांसी से इनकार, गले में फंदे का नहीं मिला निशान
परिजनों का ये भी आरोप है कि मंटू हमेशा नशे में रहता है. उसे अपने बच्चों की भविष्य की भी कोई फिक्र नहीं है. उसकी भी फिक्र डोली के मायके वाले ही करते हैं. परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर ने बताया की इसकी मौत फांसी लगाने से नहीं हुई है, क्योंकि गले में फंदे का निशान नहीं है. इस बात पर भी आरोपी डॉक्टर से लड़ने लगा. बता दें कि मायके वाले डॉली के शव को पति को नहीं सौंप रहे थे.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी कार्रवाई- SDPO
मामले में एसडीपीओ ऋषभ गर्ग ने बताया कि डोली देवी वाले मामले में शुरुआती जांच से ऐसा लगता है कि उसके पति की भूमिका संदिग्ध है. इस कारण उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है. लड़की के घरवालों के आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज किया गया है. साथ ही आरोपी को धारा 302 के तहत जेल भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.