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झारखंड में आसमान से आई मौत, एक ही दिन में आकाशीय बिजली ने ली 10 लोगों की जान

झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है. बिजली गिरने की घटना लोहरदगा और हजारीबाग में हुई, जहां दोनों जगहों पर क्रमश: दो और तीन लोगों की मौत हो गई.

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झारखंड में वज्रपात से 1दिन में 10मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
झारखंड में वज्रपात से 1दिन में 10मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

झारखंड में मानसून के आगमन से और पहली फुहार से मौसम सुहाना हो गया है. आग उगलते आसमान और प्रचंड गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन अब एक बड़ी चुनौती है ड्राई स्पेल के बाद आसमानी बिजली , ठनका और वज्रपात से जानमाल की सुरक्षा. मंगलवार यानी 20जून को एक ही दिन में जगन्नाथ मेला हजारीबाग, लोहरदगा , सिमडेगा , बोकारो समेत अलग अलग जगहों पर वज्रपात से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई.

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लोहरदगा और हजारीबाग में वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है. पहली घटना लोहरदगा के पशरार में हुई जहां आसमानी बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, 3 लोग झुलस कर घायल हो गए.वज्रपात से पांच पशुओं की भी मौत हुई है.मरने वालों में पेशरार प्रखंड निवासी नौ वर्षीय बालक, 14 वर्षीया किशोरी और 46 वर्षीय महिला हैं. घायलों का इलाज सदर अस्पताल लोहरदगा में चल रहा है.

लोहरदगा में तीन की मौत

पेशरार प्रखंड के रोरद गांव में  घर के पास आम चुनने के लिए गया बालक अंकित भगत आसमानी बिजली के चपेट में आ गया. इससे उसकी मौत हो गई. पेशरार प्रखंड के सुदूरवर्ती वन क्षेत्र बालाडीह गांव में खेत में काम करने के दौरान तेज आंधी पानी से बचने के लिए एक परिवार के लोग पेड़ के नीचे खडे थे. इसी दौरान वहां आसमानी बिजली गिरी. सभी इसकी चपेट में आ गए. इस घटना में 14 वर्षीया बालिका संगीता कुमारी और 46 वर्षीया महिला बसमतिया देवी की मौत हो गई. बसमतिया के पति बुधमन खेरवार  और इसी परिवार की मोनिका कुमारी  घायल हो गई. 

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एक अन्य घटना में सेन्हा प्रखंड की बंसरी, गुरिया टोली आसमानी बिजली गिरने से खेत में काम कर रही 26 वर्षीय महिला कौशल्या बाखला झुलस गई. वज्रपात में हुई मौतों के बाद मानसून की पहली बारिश ने लोहरदगा में कहर ढा दिया है.

हजारीबाग में वज्रपात से दो की मौत

वहीं वज्रपात की दूसरी घटना हजारीबाग में हुई है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलवार पहाड़ स्थित जगन्नाथ मंदिर में मंगलवार को भव्य रथ यात्रा मेला आयोजन किया गया था. मेले को देखने के लिए शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु ईश्वर की आराधना करने प्रभु के दरबार पहुंचे और इस बीच देर शाम करीब 4:30 से 5:00 के बीच वज्रपात से 8 लोग  घायल हो गए. सभी को आनन-फानन में शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एंड  अस्पताल लाया गया जहां इलाज के क्रम में दो व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया.
 

इसमें एक व्यक्ति जगन्नाथ धाम मंदिर के पुजारी  विजय पांडे के सुपुत्र बताएं जा रहे हैं. वही दूसरा व्यक्ति की पहचान नहीं हों पाई है लेकिन उनकी तस्वीर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर पहचान हेतु वायरल की जा रही है.मृतकों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया मंगलवार को देर शाम ही प्रारंभ कर दी गई और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया.

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अस्पताल में भर्ती हैं घायल

वहीं घायलों का इलाज अस्पताल  में जारी है. घटना की जानकारी होते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल इलाज हेतु  अस्पताल पंहुचाया और तत्काल इसकी सूचना हजारीबाग विधायक मनीष जायसवाल को दी.विधायक मनीष जायसवाल भी अस्पताल पहुंचे और सिलवार में वज्रपात की घटना पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया एवं घायलों से मिलकर उनके बेहतर उपचार का निर्देश अस्पताल कर्मियों को दिया.

आईएमडी का अलर्ट

मौसम विभाग ने आगे के कुछ दिनों के लिए भी खासकर वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी झारखंड चैप्टर के निदेशक अभिषेक आनंद ने  आजतक को बताया की ये राज्य हाई एल्टीट्यूड पे है और यहां rocks पर्वत ,पहाड़ों पे बहुत है, लिहाजा आसामनी  बिजली और थंडरस्टॉर्म की संभावना यहां बहुत ज्यादा है. आईएमडी अपना काम अलर्ट जारी कर और पे भी  जागरूकता फैला कर रहा है. राज्य सरकार स्तर पे भी अगर पंचायत से लेकर शहर तक मुहिम चलाई जाए और इससे बचने के तरीकों को लेकर अगर जागरूकता अभियान छेड़ दिया जाए तो उसका फायदा हो सकता है.

बीते 5 वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में मरने वालो की संख्या में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ही काफी जान गई है और ग्राफ हर साल बढ़ा है जो वाकई चिंताजनक है.

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साल               मौतें
2017-18---- 256
2018-19---- 261
2019-20---- 283
2020-21---- 322
2012-22---- 350

एसएमएस अलर्ट  और दामिनी समेत सचेत aap तमाम जानकारी देती है की कब बारिश होगा और कब थंडर storm आएंगे. आईएमडी ये काफी पहले से अलग अलग प्लेटफार्म पे लोगो को सचेत करने का काम कर रहा है. बारिश और वज्रपात की संभावना हो तो पेड़ , जर्जर भवन समेत खुली जगह पे रहने से बचने की आवश्यकता है.

 

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