मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीजेपी के उपाध्यक्ष और पूर्व महापौर आलोक शर्मा सोमवार उस समय विवाद में घिर गए जब उन्होंने अपने अस्पतालों को शव वाहन सौंपे. शव वाहनों के साथ फोटो खिंचवाने पर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिए हैं.
दरअसल, भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने सोमवार को भोपाल के 6 बड़े अस्पतालों को 6 शव वाहन सौंपे. इस दौरान उनके साथ जेपी अस्पताल प्रबंधन के सीनियर डॉक्टर्स और भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता थे. अस्पताल प्रबंधन को शव वाहन सौंपते समय सभी शव वाहनों को एक के पीछे एक खड़ा किया गया और इसके बाद पूर्व महापौर ने उनके सामने खड़े होकर पहले फोटो खिंचवाई, फिर उसे रवाना किया गया.
फोटो खिंचवाने के दौरान शव वाहन चालक को पीपीएई किट पहनाकर पूर्व महापौर के साथ ही खड़ा रखा गया. इस पूरे आयोजन के वीडियो बाद में सोशल मीडिया में जब वायरल हुए तो कांग्रेस ने सवाल उठाए और कहा कि भाजपा नेता शव वाहन के साथ भी फोटोशूट करवाने से बाज नहीं आते. कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'शर्म करो बेशर्मों? इंदौर में ऑक्सीजन के टैंकर को घंटो रोककर बीजेपी नेताओ ने खूब फोटो बाजी की और अब भोपाल में भाजपा के पूर्व महापौर आलोक शर्मा शव वाहनो के साथ फ़ोटो बाज़ी करते हुए? इंदौर में बन रहे कोविड केयर सेंटर पर भाजपा नेताओं का दौरा? आपदा में भी अवसर-फ़ोटो बाज़ी?
(https://twitter.com/narendrasaluja/status/1384122390767042562?s=24)
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान ही एक पीड़ित व्यक्ति ने शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए शव वाहन मांगा तो उसे कुछ देर इंतज़ार करवाया गया. 'आजतक' से बात करते हुए आलोक शर्मा ने कांग्रेस के सभी आरोपों का खंडन किया और बताया कि उनके 'कार्यक्रम के दौरान किसी भी शख्स को शव वाहन ले जाने से नहीं रोका गया बल्कि शव वाहनों को सौंपने के बाद जब एक शख्स आया तो उसे तुरंत शव वाहन उपलब्ध करवाया गया जिसे लेकर वो मेरे सामने ही श्मशान घाट के लिए रवाना हो गया.
जब वो शव वाहन लेकर जा रहा था तो उस दौरान कुछ दूर तक मीडिया के साथी भी गए. मैंने अच्छे मन से सेवा के मकसद से शव वाहन अस्पतालों को सौंपे हैं लेकिन कांग्रेस इसे गलत तरीके से पेश कर रही है. मैं बहुत दुखी हूं क्योंकि मेरे पास लगातार लोगों के कॉल आ रहे हैं जो इसका सच जानना चाहते हैं. मैं किस-किस को सफाई देता रहूं'.