शिवराज सिंह चौहान सरकार ने जिस दिन दावा किया कि उसके पास सरप्लस ऑक्सीजन की सप्लाई है, उसी दिन मध्य प्रदेश के एक जिले से ऑक्सीजन स्टोर रूम में तोड़फोड़ करते और गैस के सिलेंडर लूटने की तस्वीरें सामने आई हैं. ये हैरान करने वाली तस्वीरें दमोह जिला अस्पताल से सामने आई हैं. ये घटना मंगलवार रात को हुई. दमोह जिला अस्पताल कोविड डेडिकेटेड अस्पताल है.
इस घटना के बाद डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ ने अस्पताल में थोड़ी देर के लिए काम करना बंद कर दिया. अस्पताल परिसर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाए जाने के बाद ही काम दोबारा शुरू हुआ. सोमवार को भी अस्पताल में इसी तरह की घटना हुई. उस घटना के बाद भी पुलिस ने दखल दिया था. ऑक्सीजन स्टोर रूम के बाहर पुलिस तैनात की गई. लेकिन किसी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया.
दमोह डिस्ट्रिक्ट अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ ममता टिमोटी ने कहा “ सोमवार की घटना के बाद पुलिस और डिस्ट्रिक्ट प्रशासन को सूचित किया गया. मंगलवार को ऐसी घटना फिर हुई और फिर पुलिस को फिर बुलाया गया. इस तरह के हालात में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को अपनी ड्यूटी देना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने विरोध में थोड़ी देर के लिए काम भी बंद किया लेकिन फिर मानवीय आधार को ऊपर रखकर दोबारा मरीजों का इलाज शुरू कर दिया.
दमोह के जिला कलेक्टर तरुण राठी ने दावा किया कि गैस सिलेंडर लूटने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ केस दर्ज करने का फैसला लिया जा चुका है लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. मंगलवार को राज्य सरकार ने ऑक्सीजन सप्लाई सरप्लस में होने का दावा करते हुए कहा था, हमने मंगलवार को 390 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मंगाई थी जबकि उस दिन डिमांड 374 मीट्रिक टन की थी.