मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई है. ये आंकड़ा मानसून के दौरान एक ही दिन में बिजली गिरने से हुई मौतों से भी ज़्यादा है.
सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को सतना, रीवा, खुरई और छिंडवाड़ा में तीन-तीन लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई. इनमें से ज़्यादातर लोग अपने-अपने खेतों में काम कर रहे थे. हालांकि, रीवा में बिजली गिरने से जिन लोगों की मौत हुई, वो एक मंदिर में शरण लिए हुए थे, लेकिन बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई. छिंडवाड़ा़ में खेत पर काम कर रहे तीन लोग बारिश होने पर उससे बचने के लिए पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए थे, लेकिन उसी दौरान उनपर बिजली गिरी और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई.
इसके अलावा नरसिंहपुर, सिहोर, बैतूल और कालापीपल से भी बिजली गिरने से चार लोगों की मौत की खबर सामने आई है. जिला प्रशासन के मुताबिक, शनिवार शाम को मौसम अचानक बदला और तेज़ हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. इस दौरान इन जगहों पर बिजली गिरने से खुले में काम कर रहे चार लोगों की मौत हो गई. बता दें कि इस साल मध्य प्रदेश में बिजली गिरने से मरने वालों का सरकारी आंकड़ा 50 पार जा चुका है. जाहिर है अच्छी बारिश ने किसानों के चेहरे पर तो राहत दी है, लेकिन इसी बारिश ने कई घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझा भी दिए हैं.