उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश सरकार लव जिहाद को लेकर "धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश" लाएगी. इस अध्यादेश को मंगलवार को कैबिनट में लाया जाएगा और पारित किया जाएगा. कैबिनेट से पारित करने के बाद इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा. राज्यपाल से मंजूरी के बाद 6 महीने के अंदर इस अध्यादेश को विधानसभा से पारित कराना पड़ेगा.
हालांकि इससे पहले आज से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में सरकार इसे विधानसभा में पारित करने वाली थी, लेकिन कोरोना के चलते विधानसभा सत्र स्थगित हो गया. इसलिए अब सरकार धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश ला रही है.
नए कानून में कुल 19 प्रावधान हैं, जिसके तहत अगर धर्म परिवर्तन के मामले में पीड़ित पक्ष के परिजन शिकायत करते हैं तो पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी. अगर किसी शख्स पर नाबालिग, अनुसूचित जाति/जनजाति की बेटियों को बहला फुसला कर शादी करने का दोष सिद्ध होता है तो उसे दो साल से 10 साल तक कि सजा दी जाएगी. अगर कोई शख्स धन और संपत्ति के लालच में धर्म छिपाकर शादी करता हो तो उसकी शादी शून्य मानी जाएगी.
वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा था कि प्रदेश में बलपूर्वक धर्म परिवर्तन कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी. लोभ, लालच, प्रलोभन, धोखा देकर किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन मध्य प्रदेश में नहीं होगा. यदि ऐसा किया गया तो प्रस्तावित कानून में 10 साल की सजा और ₹50 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है. किसी को दबाकर, प्रलोभन देकर, अंधेरे में रखकर धर्मांतरण करवाना मध्य प्रदेश में नहीं चलेगा. ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जब नाबालिगों का धर्म परिवर्तन और विवाह कराने के मामले सामने आ चुके हैं.