नाबालिग के साथ यौन शोषण के आरोप में फंसे आसाराम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. मध्य प्रदेश में ग्वालियर, इंदौर के बाद देवास के जामगोद स्थित आसाराम के आश्रम पर बडे़ पैमाने पर अतिक्रमण पाया गया है. जिला प्रशासन ने रविवार शाम से आश्रम की जमीन की नपती का काम शुरू किया, जो सोमवार दोपहर को खत्म हुआ. देवास के एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों की देखरेख में नपती का काम संपन्न हुआ.
नपती में आश्रम द्वारा करीब 1.65 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर जबरदस्ती अतिक्रमण पाया गया. जिसकी वर्तमान कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है. साथ ही इस आश्रम पर बनी कुटिया जिसमें खुद आसाराम व उनके बेटे नारायण सांई आकर ठहरा करते थे, वह भी अतिक्रमण की गई जमीन पर अवैध निर्माण पायी गई. इसके अलावा सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का डायवर्शन भी नहीं है, जिनके भी कागज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है.
एसडीएम ने बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध ढंग से निर्मित कुटिया को हटाने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा. इस समय अवधि में कुटिया निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन द्वारा इसे हटाया जाएगा, जिसकी पूरी कीमत आश्रम से वसूली जाएगी. गौरतलब है कि देवास से भोपाल रोड पर शहर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर जामगोद गांव में आसाराम ने करीब 13.5 एकड़ भूमि पर आश्रम बनवाया है. जिसमें करीब 4 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जे की पुष्टि हुई है.
देवास के एसडीएम धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन द्वारा आसाराम के आश्रम की नापती का काम रविवार से चल रहा था, कार्यवाही सोमवार तक चली. जांच में 1.65 हेक्टर क्षेत्र में अतिक्रमण पाया गया है, बापू की कुटिया भी अतिक्रमण की गई जमीन पर पायी गई. रिकॉर्ड में डायवर्शन की भी कोई जानकारी नहीं मिली है, इस संबंध में उनसे जानकारी मांगी गयी है. एक महीने का समय दिया जाता है, हमने अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया है, अन्यथा हम कब्जा हटायेंगे.