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MP: अफसरों की बैठक में कलेक्टर-एसपी पर बरसे सीएम शिवराज, बाद में हटाया

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कटनी कलेक्टर एसबी सिंह से किसानों द्वारा जाम लगाए जाने और नसबंदी शिविर में बेहोशी का इंजेक्शन देने के बाद हुई महिला की मौत से जुड़े मामले की जानकारी मांगी, लेकिन उसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे मुख्यमंत्री नाराज हो गए.

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कलेक्टर, आईजी, कमिश्नरों के साथ सीएम की बैठक
  • कटनी कलेक्टर और नीमच एसपी पर बरसे सीएम
  • बैठक के बाद दोनों अफसरों का किया ट्रांसफर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को सभी जिलों के कलेक्टर, एसपी, आईजी और कमिश्नर के साथ बैठक की. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में अच्छा काम करने वाले अफसरों और उनके जिलों की तारीफ की गई, लेकिन काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सबके सामने ही फटकार भी लगाई गई. साथ ही अफसरों को हिदायत दी गई कि वो काम करने का तरीका बदलें. 

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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कटनी कलेक्टर एसबी सिंह से किसानों द्वारा जाम लगाए जाने और नसबंदी शिविर में बेहोशी का इंजेक्शन देने के बाद हुई महिला की मौत से जुड़े मामले की जानकारी मांगी, लेकिन उसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे मुख्यमंत्री नाराज हो गए. इसके अलावा नीमच एसपी मनोज कुमार राय की कार्यप्रणाली से भी मुख्यमंत्री नाखुश दिखे. बैठक के बाद कटनी कलेक्टर और नीमच एसपी को हटाने के आदेश मुख्यमंत्री ने दे दिए.

इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री को कहा, 'सुशासन का मतलब स्पष्ट समझ लें, बिना लिए-दिए समय पर जनता को शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए. एक बात और साफ कर दूं कि यह अलग सरकार है, यहां पोस्टिंग का आधार मेरिट होगा, पिछली सरकार की तरह नहीं कि लिए-दिए और पोस्टिंग दे दी जाए. 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हर माह आपको हम एजेंडा देंगे, जिस पर आपको काम करना होगा. यह एजेंडा कई माह तक चल सकता है. आप कुर्सी पर बैठे हुए हैं, आप टेबल के उस पार व्यक्ति के बारे में सोचिए, आप यह समझें कि आपके हाथ में आवेदन होता तो कैसा होता. कई बार काम करने के तरीके निकालने होते हैं, लोगों की भलाई के लिए काम करना है.'


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