कोरोना किस तरह रिश्तों को निगल रहा है उसकी एक तस्वीर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी देखने को मिली. भोपाल में कोरोना से संक्रमित एक व्यक्ति के शव को उसके अपने परिजनों ने मारे खौफ के कंधा देने से मना कर दिया. जब अपनों ने अंतिम संस्कार से मुंह मोड़ा तब मृतक की पत्नी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी.
पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को समझा और मानवता का धर्म निभाते हुए मृतक का अंतिम संस्कार करवाया. कोरोना संक्रमित पति को घर आने पर पत्नी ने बहुत समझाया लेकिन वे अस्पताल जाने को तैयार नहीं हुए. घर पर ही इलाज शुरू हुआ लेकिन वे कोरोना से जंग हार गए. पति के निधन के बाद पत्नी ने परिजनों से अंतिम संस्कार के लिए कहा तो कोई भी तैयार नहीं हुआ. कोरोना संक्रमण के डर से मृतक की अर्थी को कंधा देने भी परिवार के लोग आगे नहीं आए. जब पड़ोसियों तक ने मुंह फेर लिया तो पत्नी ने पुलिस को कॉल किया.
सूचना पाकर ऐशबाग थाने से सब इंस्पेक्टर नीलेश अवस्थी, हेड कांस्टेबल उपेंद्र सिंह बघेल, हेड कांस्टेबल त्रिभुवन मिश्रा और कांस्टेबल गजराज मृतक के घर पहुंचे. जब पुलिसकर्मियों ने देखा कि घर पर मृतक का शव रखा हुआ है और इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है तो उन्होंने शव वाहन मंगवाया और पीपीई किट पहनकर मृतक के शव को प्लास्टिक और कपड़े से कवर किया. इसके बाद पुलिसकर्मी शव को सुभाष नगर विश्राम घाट लेकर गए और कोरोना प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार करवाया. इस दौरान मृतक की पत्नी ने पति के शव को मुखाग्नि दी. डीआईजी इरशाद वली ने ऐशबाग थाने के चारों पुलिसकर्मियों को एक-एक हजार नकद इनाम देने की घोषणा भी की है.
कोरोना इस समय हर चीज की परीक्षा ले रहा है. स्वास्थ्य व्यवस्था से लेकर रिश्ते, दोस्ती, यारी सब की. लखनऊ में भी एक पत्रकार की मौत के बाद उसके परिजनों ने ही उसकी बॉडी लेने से इनकार कर दिया. परिजनों ने इनकार कर दिया कि वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. इस खबर के बाद थाना गोमती नगर पुलिस ने अंतिम संस्कार का जिम्मा अपने ऊपर लिया और ससम्मान विधि विधान से अंतिम संस्कार किया.
लखनऊ के गोमती नगर में घर में अकेले रह रहे पत्रकार चंदन प्रताप सिंह की कोरोना से मौत हो गई, न तो परिवार का कोई सदस्य आया, ना ही कोई दोस्त और मित्र, किसी ने इस बात की सूचना पुलिस को दी. इसके बाद पत्रकार चंदन के अंतिम संस्कार के लिए खाकी वर्दी के चार लोग और दो समाजसेवी आए. जिन्होंने पत्रकार चंदन प्रताप सिंह के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और अंतिम संस्कार किया.