भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय के जरिए अधिकारियों के साथ की गई बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद कोर्ट ने उन्हें 11 जुलाई तक जेल भेज दिया है. आकाश विजयवर्गीय के निगम अधिकारियों के साथ मारपीट के बाद सियासत भी गरमा गई है, लेकिन इस मुद्दे पर बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जब आकाश विजयवर्गीय पर पूछा गया तो वह इससे बचते दिखे. शिवराज ने इस मुद्दे पर बोलने से साफ इनकार कर दिया.
इस मुद्दे पर बोलने से बचते हुए शिवराज सिंह चौहान ने सिर्फ इतना ही कहा कि आकाश विजयवर्गीय अपने साथ हुई घटना के बारे में बता चुके हैं. मैं इस मुद्दे पर कुछ कमेंट नहीं करूंगा. गौरतलब है कि बुधवार को आकाश विजयवर्गीय ने निगम अधिकारियों के साथ बल्ले से मारपीट की थी. इसका वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद कोर्ट ने आकाश विजयवर्गीय की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
दरअसल जर्जर मकान को ढहाने पहुंचे जिन निगम अधिकारी के साथ आकाश विजयवर्गीय ने मारपीट की थी, उसको ढहाने का आदेश पिछले साल दिया गया था. वो भी तब जब राज्य में शिवराज सिंह चौहान की सरकार थी.
इंदौर नगर निगम ने पिछले साल ऐसे मकानों को लेकर नोटिस जारी किया था, जो काफी पुराने हैं और तेज बारिश के दौरान इस तरह के मकान गिर भी सकते थे. अब जो नोटिस का कागज सामने आया है, उसमें साफ दिख रहा है कि ये नोटिस 3 अप्रैल, 2018 को जारी किया गया था. यानी जिस वक्त राज्य में भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार थी और राज्य के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ही थे.