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मध्य प्रदेश: अफसरों के कामकाज से नाखुश दिखे CM शिवराज, कई अधिकारियों का तबादला

बैठक के बाद बैतूल कलेक्टर राकेश सिंह और नीमच कलेक्टर जितेंद्र सिंह राजे का ट्रांसफर किया गया. राकेश सिंह को उप सचिव तो वहीं जितेंद्र सिंह राजे को अपर सचिव बनाया गया है. निवाड़ी एसपी वाहिनी सिंह और गुना एसपी राजेश सिंह को पुलिस मुख्यालय भेजा गया है.

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बैठक के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान.
बैठक के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पहले भी अफसरों पर हुई है कार्रवाई
  • 2 DM, 2 SP, 1 CSP का हुआ तबादला
  • अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों की भी रेटिंग जारी

कलेक्टर-कमिश्नर संग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बैठक के बाद कई अफसरों पर गाज गिरी है. कई अफसरों के कामकाज से मुख्यमंत्री असंतुष्ट नजर आए जिसके बाद इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. मध्य प्रदेश प्रशासन ने 2 कलेक्टर, 2 जिलों के एसपी और 1 सीएसपी का तबादला कर दिया है.

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बैठक के बाद बैतूल कलेक्टर राकेश सिंह और नीमच कलेक्टर जितेंद्र सिंह राजे का ट्रांसफर किया गया. राकेश सिंह को उप सचिव तो वहीं जितेंद्र सिंह राजे को अपर सचिव बनाया गया है. निवाड़ी एसपी वाहिनी सिंह और गुना एसपी राजेश सिंह को पुलिस मुख्यालय भेजा गया है. कार्रवाई करते हुए गुना सीएसपी नेहा पच्चीसिया भी हटाई गई हैं. इन लोगों पर काम में लापरवाही का आरोप है.

कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में बकायदा अच्छा प्रदर्शन करने वाले और काम में पिछड़ने वाले जिलों की रेटिंग भी जारी की गई. अवैध कच्ची शराब के विरुद्ध कार्यवाही करने में ग्वालियर, दतिया, अलीराजपुर, मंदसौर, झाबुआ जिले आगे रहे हैं. अनूपपुर, आगर मालवा, भोपाल, दमोह, होशंगाबाद जिले इस कार्रवाई में पीछे रहे हैं. वहीं, देशी-विदेशी अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई करने में जबलपुर, झाबुआ, राजगढ़, मुरैना, इंदौर आगे जबकि गुना, अशोकनगर, दतिया, निवाड़ी, बालाघाट पीछे हैं. 

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इसके अलावा गौण खनिज के अवैध परिवहन की रोकथाम में इंदौर, सतना, बालाघाट प्रथम तीन जिलों में रहे. शहडोल, उमरिया, कटनी, सागर का कार्य संतोषजनक रहा. अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण के प्रकरणों के निराकरण में  इंदौर, खरगौन, बालाघाट प्रथम तीन जिले रहे, शहडोल, शिवपुरी, सागर अंतिम तीन जिलों में रहे. 

भूमाफिया, गुंडा, बदमाश, अवैध कब्जाधारियों के विरूद्ध कार्रवाही करने वाले जिलों में देवास, छतरपुर, सिवनी, झाबुआ, निवाड़ी आगे रहे जबकि अंतिम जिलों में शिवपुरी, भिंड, मंदसौर, हरदा, डिंडौरी है.

इस साल एक जनवरी से 31 जनवरी तक 695 गुंडो पर कार्रवाई की गई जिसमें से 37 पर एनएसए लगाया गया, 137 अवैध अतिक्रमण तोड़े गए, 19 करोड़ रुपए की राशि जमा की गई औऱ 13.94 करोड़ की भूमि मुक्त कराई गई. इसमें अच्छा काम करने वाल जिले जबलपुर, सागर, छतरपुर, उज्जैन,शहडोल, बड़वानी, दमोह हैं. वहीं, इस सूची में अंतिम जिले मंदसौर, श्योपुर, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, सीधी शामिल हैं.

पहले भी हुई है कार्रवाई

बता दें कि इससे पहले भी कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कई अफसरों के खिलाफ एक्शन ले चुके हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही कहा था कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले अफसरों को सराहा जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अफसरों को परिणाम भुगतना होगा. 

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