मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पीएम की भाषा क्या है? क्या प्रधानमंत्री के पद को उनकी भाषा शोभा देती है. यह पहले प्रधानमंत्री होंगे विश्व में जो इस प्रकार की भाषा का उपयोग करते हैं. ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने के बाद वो पाठ पढ़ा रहे हैं कि दूसरों की भाषा सही नहीं है?
उन्होंने कहा कि बीजेपी अब कुछ बोलने लायक नहीं है, इसलिए इस स्तर पर उतर आए हैं. वह बौखलाए हुए हैं क्योंकि प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि सरकार को हटाना है. मध्य प्रदेश को बदलाव की आवश्यकता है, जहां हर वर्ग परेशान है. ऐसा कभी राजनीतिक इतिहास में नहीं हुआ जहां हर वर्ग परेशान हो. किसान हों, नौजवान हों, व्यापारी हों, कर्मचारी हों, मजदूर हों या फिर असुरक्षित महिलाएं हों, आज सब दुखी हैं.
कमलनाथ ने कहा कि जब हमने पहली बार कर्ज माफ किया था तब मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी जी की सरकार थी और तब तो हमने वादा भी नहीं किया था. इस बार तो हम ने वचन दिया है. जब बिना वादा किए कर्ज माफ किया था तो अब तो हमने वचन दिया है तो प्रश्न कहां उठता है कि वादा पूरा नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कोई भी आरोप लगाए, जनता गवाह है. जहां मेरे ऊपर कोई केस नहीं कोई शिकायत नहीं, प्रधानमंत्री जी शिकायतकर्ता हैं ये कोई बात होती है?
भारतीय जनता पार्टी को मंदिर तभी याद आता है जब चुनाव आते हैं. साढ़े चार साल क्या कर रहे थे? जब लोकसभा चुनाव चार-पांच महीने दूर हैं तभी मंदिर को ले आएंगे क्योंकि यह धर्म के आधार पर राजनीति करना चाहते हैं, उपलब्धियों के आधार पर बात नहीं करते.