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बीड़ी मजदूर मां का लाल हुआ पुलवामा में शहीद, शादी की चल रही थी बात

जबलपुर के बेहद साधारण परिवार से आने वाले अश्विनी अकेले घर पर ऐसे शख्स थे जिनकी सरकारी नौकरी लगी थी. उनके घर के कई सदस्य मजदूरी कर के गुजारा करते थे. यहां तक कि शहीद अश्विनी की मां बीड़ी मजदूर हैं.

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आतंकी हमले में जबलपुर के अश्वनी कुमार काछी भी शहीद हो गए.
आतंकी हमले में जबलपुर के अश्वनी कुमार काछी भी शहीद हो गए.

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में मध्यप्रदेश में जबलपुर के अश्विनी कुमार काछी (30) भी शहीद हो गए. वो मूलतः जबलपुर के पास सिहोरा के खुड़ावल गांव के रहने वाले थे. सीआरपीएफ की 35वीं बटालियन में तैनात अश्विनी 2017 में श्रीनगर पोस्टेड हुए थे. उसके शहीद होने के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

बताया जा रहा है कि अश्विनी परिवार में सबसे छोटे थे. सीआरपीएफ में नौकरी लगने के बाद उनकी शादी की बात चल रही थी. उनके लिए घर वाले लड़कियां देख रहे थे. लेकिन इस बीच उनके शहीद होने की खबर से पूरा परिवार टूट गया.  

मां बीड़ी मजदूर...

बेहद साधारण परिवार से आने वाले अश्वनी अकेले घर पर ऐसे शख्स थे जिनकी सरकारी नौकरी लगी थी. उनके घर के कई सदस्य मजदूरी कर के गुजारा करते थे. यहां तक कि शहीद अश्विनी की मां बीड़ी मजदूर हैं.

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पढ़ाई करते हुए ली NCC की ट्रेनिंग...

शहीद अश्विनी कुमार का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था. इसलिए स्कूल में भर्ती होने के बाद से वो एनसीसी में शामिल हुए. यहां उन्होंने ट्रेनिंग भी ली. इसके बाद उसका चयन सीआरपीएफ के लिए हुआ. इस बात से पूरा घर बेहद खुश था.

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गांव में पसरा मातम...

अश्विनी कुमार के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. गांव के लोगों का कहना है कि पाकिस्तान को इस कायराना हरकत के लिए जवाब देना चाहिए. कब तक भारत ऐसे हमले सहता रहेगा.  

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