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MP में समय की सियासत: दिग्विजय ने कहा- शिवराज ने समय नहीं दिया तो सीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठूंगा

10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह हमेशा अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं लेकिन इस बार दिग्विजय सिंह की धमकी सुर्खियों में है. दिग्विजय सिंह ने धमकी दी है कि शिवराज सिंह चौहान यदि 20 जनवरी तक उन्हें मिलने का समय नहीं देंगे तो 21 जनवरी से दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे.

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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (बाएं) और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह. -फाइल फोटो
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (बाएं) और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह. -फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह को लिखी है चिट्ठी
  • किसानों के मुद्दे पर शिवराज से मिलना चाहते हैं दिग्विजय

मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय के बीच समय को लेकर जोरदार सियासत चल रही है. बात इतनी बढ़ गई कि दिग्विजय ने धमकी दी है कि शिवराज सिंह चौहान ने अगर मिलने का समय नहीं दिया तो वह सीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे. 

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10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह हमेशा अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं लेकिन इस बार दिग्विजय सिंह की धमकी सुर्खियों में है. दिग्विजय सिंह ने धमकी दी है कि शिवराज सिंह चौहान यदि 20 जनवरी तक उन्हें मिलने का समय नहीं देंगे तो 21 जनवरी से दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे. 

दिग्विजय सिंह का आरोप है कि वह सीएम शिवराज सिंह से लंबे समय से मिलने का समय मांग रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री समय नहीं दे रहे हैं. दिग्विजय ने बाकायदा इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है. अब दिग्विजय सिंह ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री को दो टूक कहा दिया है कि 20 जनवरी तक मुलाकात का समय दें, नहीं तो 21 जनवरी से सीएम हाउस के सामने वह किसानों के साथ धरने पर बैठ जाएंगे.

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... इसलिए शिवराज सिंह से मिलना चाहते हैं दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह 4 जिलों के डूब प्रभावित क्षेत्रों के किसानों और गांव वालों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज से मिलना चाहते हैं. उन्होंने शिवराज को भेजे गए पत्र में लिखा है, 'प्रिय श्री शिवराज सिंह चौहान जी, टेम और सुठालिया सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत भोपाल, राजगढ़, विदिशा एवं गुना जिले में डूब में आ रहे परिवारों की समस्याओं को आपके ध्यान में लाने के लिये मैं विगत एक माह से आपसे मिलने का समय चाह रहा हूं। अभी तक आपने मिलने का समय नहीं दिया है. आपका यह रवैया पीड़ित और परेशान किसानों के प्रति आपकी असंवेदनशीलता का परिचालक है. मैं अनेक पत्रों के माध्यम से दोनों बांधों के डूब में आने वाले किसानों की परेशानियां आपको लिख चुका हूं. इन पत्रों पर आपके द्वारा क्या कार्यवाही की गई है, आपके जबाब का आज तक इंतजार है.

दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि टेम और सुठालिया परियोजना में हजारों एकड़ जमीन डूब में आ रही है और अनेक गांव पूर्णतः एवं आंशिक रूप से डूब रहे हैं. डूब प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है. मैंने विगत माह डूब प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से चर्चा की थी. बातचीत में लोगों द्वारा सरकार की मुआवजा नीति सहित विस्थापन और पुनर्वास के बहुत कम पैकेज का विरोध किया जा रहा है. मैं किसानों और ग्रामवासियों की समस्याओं को लेकर आपसे मिलना चाह रहा हूं. मैं दोनों परियोजना से प्रभावित होने जा रहे 15-15 किसानों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ कोविड प्रोटोकॉल के तहत मिलना चाह रहा हूं. मेरा आपसे पुनः अनुरोध है कि 20 जनवरी तक मुझे मिलने का समय देने का निर्णय लेना चाहेंगे, अन्यथा मुझे डूब प्रभावित किसानों के साथ आपके निवास के सामने धरने पर बैठने के लिये मजबूर होना पडे़गा. आशा है आप अप्रिय स्थिति बनने से पहले मुलाकात के लिये 20 मिनिट का समय देने का कष्ट करें.

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उधर, दिग्विजय सिंह की इस चेतावनी पर शिवराज सिंह चौहान की भले ही कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेता और मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने इसे दिग्विजय सिंह का राजनीतिक पाखंड बताया है. उन्होंने कहा है कि 'दिग्विजय सिंह पॉलिटिकल पाखंड कर रहे हैं. पत्र तो वह पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उमंग सिंगार जैसे अपने मंत्रियों को भी लिखते रहे हैं इसलिए उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.

 

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