चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश के उपचुनाव वाले 12 जिलों के संयुक्त और डिप्टी कलेक्टर के तबादले रद्द कर दिए हैं. आयोग को जैसे ही पता चला कि तबादलों के आदेश राज्य में उपचुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू होने के बाद जारी किए गए हैं तो फौरन आदेश रद्द करने का फरमान जारी कर दिया गया.
जानकारी के मुताबिक आयोग ने ये फैसला लेने से पहले मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से गहन बातचीत की. आयोग ने ये भी तय किया है कि राज्य के चुनाव वाले जिलों में अगर किसी खाली पद को फौरन भरने की जरूरत पड़ी तो उपयुक्त अधिकारियों के नाम का पैनल तैयार रहेगा. ताकि फौरन जरूरत के मुताबिक तैनाती हो जाए और चुनाव के काम में कोई हर्ज ना हो.
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बता दें कि मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने 8 अक्टूबर को अधिकारियों की तबादला सूची जारी की थी. बीती गुरुवार को देर रात किए गए तबादलों में 12 अधिकारियों को अस्थाई रूप से नई पद स्थापना आगामी आदेश तक सौंपी गई थी. सरकार ने उपचुनाव वाले जिलों के संयुक्त और डिप्टी कलेक्टर बदले थे.
मामला संज्ञान में आने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को तत्काल प्रभाव से तबादले रद्द करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता के दौरान बगैर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के परामर्श या अनुमति के अफसरों के ट्रांसफर नहीं हो सकते हैं.