मध्य प्रदेश में विधानसभा की रिक्त सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस उपचुनाव के दौरान वर्चुअल प्रचार के आदेश दिए थे. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि राजनीतिक पार्टियां वर्चुअल माध्यम से चुनाव प्रचार करें. अब हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के इस आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है.
मध्य प्रदेश की ग्वालियर सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. बीजेपी उम्मीदवार तोमर ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. याचिकाकर्ता ने कहा है कि हाईकोर्ट का यह आदेश चुनाव प्रचार के अधिकार का उल्लंघन करता है.
तोमर ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि चुनाव आयोग उन्हें फिजिकल चुनाव प्रचार की इजाजत देता है, लेकिन कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी है. इससे पहले निर्वाचन आयोग ने भी इस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. निर्वाचन आयोग ने भी सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी थी.
निर्वाचन आयोग ने कोर्ट में कहा है कि हाईकोर्ट का आदेश मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है. दरअसल, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य में चुनाव प्रचार को प्रतिबंधित कर दिया है. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव हो रहा है. इन 28 सीटों के लिए मतदान 3 नवंबर को होना है. बता दें कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रैलियों की इजाजत तभी दी जा सकती है, जब वर्चुअल मीटिंग संभव न हो.