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17 दिसंबर को शपथ लेंगे कमलनाथ, सिंधिया की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

कांग्रेस विधायक दल के नेता कमलनाथ ने राज्यपाल को विधायकों की लिस्ट सौंपी. इस दौरान उनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं मौजूद थे. इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे है.

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राज्यपाल से नियुक्ति पत्र लेते हुए कमलनाथ (फोटो-ट्विटर)
राज्यपाल से नियुक्ति पत्र लेते हुए कमलनाथ (फोटो-ट्विटर)

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कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कमलनाथ ने मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन से शुक्रवार सुबह मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. कमलनाथ 17 दिसंबर को मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री बनने की शपथ लेंगे.

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर कमलनाथ ने उन्हें विधायकों की लिस्ट भी दी, जिसके बाद राज्यपाल ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनने का नियुक्ति पत्र भी सौंपा. राज्यपाल से नियुक्ति पत्र हासिल करने के बाद कमलनाथ ने बाहर आकर नियुक्ति पत्र दिखाया. इस दौरान आजतक से बात करते हुए कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर ली है और 17 दिसम्बर को वो भोपाल के लाल परेड मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

सिंधिया की गैरमौजूदगी से उठे सवाल

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच पेंच फंसा हुआ था, लेकिन देर रात कमलनाथ ने बाजी मार ली. अब इसे संयोग कहें या कुछ और लेकिन शुक्रवार को जब कमलनाथ राज्यपाल से मिलने पहुंचे तो उनके साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, अरुण यादव और विवेक तन्खा तो मौजूद रहे, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया इस दौरान नदारद रहे, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं.

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शिवराज ने दी कमलनाथ को बधाई

राज्यपाल से मुख्यमंत्री का नियुक्ति पत्र हासिल करने के बाद कनलनाथ को शिवराज सिंह चौहान ने बधाई दी. शिवराज ने ट्वीट कर लिखा 'मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने पर कमलनाथ जी को बधाई. मध्यप्रदेश की जनता के जीवन को सुखमय बनाने के लिए हमने अनथक प्रयास किए. जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखते हुए प्रदेश और प्रदेशवासियों के हित में कार्य किये जाएंगे यही भावी सरकार से अपेक्षा है. शुभकामनाएं.'

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