मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है और राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों का ऐलान भी लगभग कर दिया है लेकिन सत्तारूढ़ बीजेपी में टिकट को लेकर पेंच फंसता दिख रहा है. कांग्रेस ने टिकट में देरी को लेकर अब बीजेपी पर तंज कसा है और उम्मीदवारों के ऐलान में देरी के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया को जिम्मेदार बताया है.
दरअसल, शिवराज सरकार का भविष्य इसी उपचुनाव पर टिका है. अगर इस उपचुनाव में बीजेपी ज्यादातर सीटों पर हार जाती है तो शिवराज की मुख्यमंत्री पद की कुर्सी जानी तय है और जीती तो सीएम का कद बढ़ेगा.
ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद प्रचार की कमान संभाले हुए हैं. आचार संहिता लगने से पहले उन्होंने करोड़ों रुपये की सरकारी योजनाओं की घोषणा की और अब संगठन के साथ मिलकर चुनावी कार्यक्रम में जुट चुके हैं. लेकिन बीजेपी की इतनी तैयारी होने के बावजूद सत्तारूढ़ दल ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है जिसे लेकर कांग्रेस अब सत्तारुढ़ बीजेपी पर तंज कस रही है.
कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने आजतक से बात करते हुए कहा कि, 'कांग्रेस ने 24 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है और जो बचे हुए 4 हैं उनकी घोषणा भी हम एक या 2 दिन में कर देंगे. लेकिन बीजेपी में जो बिकाऊ लोग लिए गए हैं उनका विरोध टिकाऊ लोग कर रहे हैं, सर्वे के मुताबिक बिकाऊ लोगों की हार भी दिखाई दे रही है. बीजेपी को पता है कि बिकाऊ चुनाव लड़ेंगे तो हारेंगे. बीजेपी भी चाहती है कि नाम बदले जाएं लेकिन सिंधिया का दबाव है नाम बदल नहीं पा रहे हैं और इसीलिए उम्मीदवारों के नाम ऐलान करने में देरी हो रही है'.
बता दें कि 3 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने 24 उम्मीदवारों का नाम घोषित कर दिया है. वहीं बसपा ने भी 18 उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं. बीजेपी की ओर से 28 सीटों में से 25 पर उन नेताओं का चुनाव लड़ना लगभग तय है जो कांग्रेस छोड़ पार्टी में शामिल हुए हैं. इसके अलावा सिर्फ तीन सीट के लिए प्रत्याशी तय करने में बीजेपी को जद्दोजहद करनी पड़ रही है.
खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके लिए दिल्ली जा चुके हैं लेकिन इसके बावजूद नाम तय नहीं हुए हैं. अब बीजेपी बोल रही है कि नामों के ऐलान में देरी नहीं हो रही बल्कि बीजेपी की चुनाव प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रिया ही ऐसी है कि नामों का ऐलान ज्यादा पहले नहीं किया जाता.
बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने आजतक से बात करते हुए कहा कि 'बीजेपी अपनी पद्धति के हिसाब से प्रत्याशियों का चयन करती है ना जल्दी करती है और ना ही बहुत देर से करती. बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों को अनौपचारिक रूप से जनता के सामने रख दिया है बस अधिकारिक घोषणा होनी बाकी है, कांग्रेस अपने कुनबे का ध्यान रखे जहां ऐलान होने के बाद एक प्रत्याशी को बदलना पड़ा है'.